सऊदी अरब सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए सोशल सिक्योरिटी नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब उन बुजुर्गों को अपने आवास (residence) में डिपेंडेंट्स को जोड़ने की जरूरत नहीं होगी, जिनकी आय कम है। यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिनके पास कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं है।

सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने यह नया निर्देश जारी किया है। यह नियम खास तौर पर उन कम आय वाले बुजुर्गों के लिए बनाया गया है जो सोशल सिक्योरिटी सिस्टम का हिस्सा हैं। इस बदलाव का मुख्य मकसद उन वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक और कागजी उलझनों से बचाना है जिनके पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं।

सऊदी अरब में सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम का संचालन MHRSD द्वारा किया जाता है। सामान्य तौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सऊदी नागरिकों को इन सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के दायरे में रखा जाता है। इन लाभों को पाने के लिए व्यक्ति का सऊदी नागरिक होना और किंगडम में स्थायी रूप से रहना जरूरी होता है।

मंत्रालय बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक देखभाल के लिए देशभर में सोशल केयर होम भी चलाता है। इसके अलावा, बुजुर्गों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक नए कानून का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है।

सोशल सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से जरूरतमंद बुजुर्गों और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। नेशनल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत बुजुर्गों के लिए मॉडल ओएसिस बनाने की योजना भी है, जहां उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।