सऊदी अरब के रेगिस्तानों में रात के समय रास्ता भटकना जानलेवा हो सकता है। इस खतरे को कम करने के लिए अब वहां खास सोलर पावर लेज़र लाइट्स लगाई जा रही हैं। ये लाइटें उन यात्रियों के लिए उम्मीद की किरण बनेंगी जो रास्ता खो देते हैं और पानी या सुरक्षित जगह की तलाश में होते हैं।

रेगिस्तान में लेज़र लाइटें कैसे करेंगी मदद

  • ये बीकन पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलते हैं, जो दिन में चार्ज होते हैं और रात में रोशनी फैलाते हैं।
  • इन्हें खास तौर पर कुओं और जलाशयों जैसे पानी के स्रोतों के पास लगाया गया है।
  • इन लेज़र लाइट्स को दिन में 500 मीटर और रात में 1000 मीटर की दूरी से देखा जा सकता है।
  • इनका डिजाइन ऐसा है कि ये रेत, पानी और तेज हवाओं का सामना कर सकते हैं और खुद को साफ भी रख सकते हैं।
  • सबसे बड़ी बात यह है कि इन्हें चलाने के लिए इंटरनेट या मोबाइल बैटरी की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए आपात स्थिति में ये सबसे भरोसेमंद हैं।
  • इन लाइटों में लाल, नीले, हरे और सफेद रंगों का इस्तेमाल किया गया है।

किसकी पहल है और कौन देख रहा है यह प्रोजेक्ट

यह पूरी योजना पर्यावरण कार्यकर्ता और खोजकर्ता Mohammad Fohaid Al-Sohiman Al-Rammali की प्रेरणा से शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि कई लोग पानी के स्रोत के बहुत करीब होने के बावजूद उन्हें ढूंढ नहीं पाते और अपनी जान गंवा देते हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख पर्यावरण, कृषि और जल मंत्रालय कर रहा है। इसकी स्थापना में एक विशेष कंपनी और स्थानीय व्यापारियों ने निवेश किया है। शुरुआत में 11 सौर बीकन लगाए गए थे और अब हैल और जौफ क्षेत्रों में 100 और बीकन लगाने की तैयारी है।

हज 2026 के लिए ‘दरबक नूर’ की तैयारी

सड़क महानिदेशालय ने हज 2026 (1447 हिजरी) की परिचालन योजना के तहत एक नई पहल शुरू की है, जिसे दरबक नूर नाम दिया गया है। इस योजना के तहत मक्का-मदीना सड़क पर चलने वाले ड्राइवरों की थकान कम करने और उन्हें रास्ता दिखाने के लिए 16 लेजर और 1110 सौर लाइटें लगाई जाएंगी। इस अपडेट की जानकारी 6 मई 2026 को साझा की गई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रेगिस्तान में लगाई गई लेज़र लाइट्स कितनी दूर से दिखती हैं

ये लेज़र लाइट्स दिन के समय 500 मीटर और रात के समय 1000 मीटर की दूरी से साफ देखी जा सकती हैं।

दरबक नूर पहल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है

यह सड़क महानिदेशालय की एक पहल है जिसके तहत हज 2026 के लिए मक्का-मदीना सड़क पर 16 लेजर और 1110 सौर लाइटें लगाई जाएंगी ताकि ड्राइवरों की थकान कम हो और सफर सुरक्षित रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.