सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया ने अपनी ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा समझौता किया है। रियाद में हुई एक अहम बैठक के दौरान दोनों देशों के मंत्रियों ने तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस कदम से दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
रियाद में हुई अहम बैठक
रविवार, 14 जून 2026 को सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग और संसाधन मंत्री किम जुंग-कवान के बीच रियाद में मुलाकात हुई। इस मीटिंग में दोनों मंत्रियों ने ऊर्जा निवेश को बढ़ाने और आपसी सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इसके बाद दोनों देशों ने तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग के लिए आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए।
समझौते में शामिल मुख्य बातें
इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया जाएगा, जिससे दोनों देशों को फायदा होगा:
- पेट्रोलियम, गैस और उनसे बनने वाले उत्पादों में सहयोग करना।
- रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स के क्षेत्र में साझेदारी करना।
- दक्षिण कोरिया के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में सऊदी कच्चे तेल के भंडारण को बढ़ाना, ताकि तेल की सप्लाई स्थिर रहे।
- कच्चे तेल की पाइपलाइनों से जुड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम करना।
- तकनीकी नवाचार, डिजिटल बदलाव, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) और सस्टेनेबिलिटी पहल पर ध्यान देना।
खनिज संसाधनों पर विशेष जोर
इस साझेदारी में अब खनिजों (Minerals) के क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। सऊदी अरब के खनिज संसाधनों जैसे सल्फर, फॉस्फेट रॉक, बॉक्साइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) को कोरिया की रिफाइनिंग और प्रोसेसिंग तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों का बयान और कंपनियों की दिलचस्पी
दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जुंग-कवान ने बताया कि वैश्विक सप्लाई चेन में अस्थिरता के बीच इस समझौते से कच्चे तेल और नैफ्था की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित हुई है। उन्होंने इसे ऊर्जा क्षेत्र में लंबी अवधि के सहयोग की नींव बताया।
इसके साथ ही दक्षिण कोरिया की बड़ी कंपनियां जैसे Hyundai Motor और HD Hyundai Heavy Industries भी सऊदी अरब में संयुक्त प्रोजेक्ट्स शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।