सऊदी अरब और स्पेन ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 13 मई 2026 को मैड्रिड में दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से अब व्यापार, सुरक्षा और डिप्लोमेसी के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

सऊदी और स्पेन के बीच क्या हुए नए समझौते?

दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए Strategic Partnership Document पर साइन किए। इसके साथ ही एक Saudi-Spanish Strategic Partnership Council का गठन किया गया है। यह काउंसिल दोनों देशों के बड़े नेताओं के स्तर पर काम करेगी और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में तालमेल बिठाएगी। इसके अलावा, डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट रखने वालों के लिए वीज़ा की जरूरत खत्म करने का भी समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के अधिकारियों का आना-जाना आसान हो जाएगा।

व्यापार, सुरक्षा और विज़न 2030 पर क्या रही चर्चा?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने बताया कि यह साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए समुद्री रास्तों को खुला रखने की बात कही। वहीं, स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्bares ने सऊदी अरब को मिडिल ईस्ट में अपना सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बताया। स्पेन ने सऊदी अरब के Vision 2030 और रियाद में होने वाले Expo 2030 के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है।

क्षेत्रीय विवादों और सुरक्षा पर क्या रहा स्टैंड?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गाज़ा और लेबनान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। स्पेन ने फिलिस्तीन मुद्दे पर ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ का समर्थन किया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और एनर्जी की सप्लाई के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने राजनीतिक और डिप्लोमैटिक समाधान निकालने की वकालत की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी और स्पेन के बीच किस काउंसिल का गठन हुआ है?

दोनों देशों ने ‘Saudi-Spanish Strategic Partnership Council’ बनाई है, जो राजनीति, सुरक्षा, व्यापार, रक्षा, परिवहन, ऊर्जा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में समन्वय का काम करेगी।

वीज़ा नियमों में क्या बदलाव किया गया है?

डिप्लोमैटिक और स्पेशल पासपोर्ट रखने वाले लोगों के लिए अब आपसी वीज़ा की जरूरत नहीं होगी, जिससे अधिकारियों की यात्रा आसान हो सकेगी।