सऊदी अरब में गाड़ी चलाने वाले लोगों, खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत ज़रूरी खबर है। सऊदी के ट्रैफिक विभाग (Moroor) ने 120 और 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली सड़कों पर ओवरस्पीडिंग यानी तय सीमा से ज़्यादा तेज़ गाड़ी चलाने के जुर्माने को लेकर पूरी जानकारी साफ कर दी है। अगर आप भी सऊदी की सड़कों पर सफर करते हैं, तो इन नए नियमों को जान लेना आपके लिए बहुत ज़रूरी है ताकि आप भारी जुर्माने से बच सकें।
सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ ट्रैफिक (Moroor) और आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने बताया है कि जुर्माना इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने तय स्पीड लिमिट से कितनी ज़्यादा रफ्तार पकड़ी है। सड़कों पर लगे आधुनिक Saher कैमरों के ज़रिए अब हर उल्लंघन को तुरंत पकड़ लिया जाता है और ऑटोमैटिक जुर्माना लगा दिया जाता है।
120 किमी या उससे कम रफ्तार वाली सड़कों के लिए जुर्माना
जिन सड़कों की अधिकतम सीमा 120 किमी प्रति घंटा या उससे कम है, वहां जुर्माने की लिस्ट इस प्रकार है:
| स्पीड लिमिट से ज़्यादा रफ्तार | जुर्माना (SAR) |
|---|---|
| 10 से 20 किमी ज़्यादा | 150 से 300 |
| 20 से 30 किमी ज़्यादा | 300 से 500 |
| 30 से 40 किमी ज़्यादा | 800 से 1,000 |
| 40 से 50 किमी ज़्यादा | 1,200 से 1,500 |
| 50 किमी से ज़्यादा | 1,500 से 2,000 |
140 किमी रफ्तार वाली हाईवे सड़कों के लिए जुर्माना
हाईवे पर जहाँ स्पीड लिमिट 140 किमी प्रति घंटा है, वहां नियम और जुर्माने अलग हैं:
| स्पीड लिमिट से ज़्यादा रफ्तार | जुर्माना (SAR) |
|---|---|
| 5 से 10 किमी ज़्यादा | 300 से 500 |
| 10 से 20 किमी ज़्यादा | 800 से 1,000 |
| 20 से 30 किमी ज़्यादा | 1,200 से 1,500 |
| 30 किमी से ज़्यादा | 1,500 से 2,000 |
ट्रैफिक विभाग ने यह भी सलाह दी है कि लोग बफ़र ज़ोन के भरोसे न रहें और सड़क पर लगे साइन बोर्ड की स्पीड लिमिट को ही आखिरी मानें। पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने चेतावनी दी है कि अगर तेज़ रफ्तार की वजह से पब्लिक सेफ्टी को खतरा होता है, तो चलाने वाले पर आपराधिक मामला भी दर्ज हो सकता है।
जुर्माने में मिलने वाली छूट के बारे में बता दें कि पुराने जुर्माने पर मिलने वाली 50% की छूट अब खत्म हो चुकी है। अब नए ट्रैफिक कानून 2026 के तहत जुर्माना और पॉइंट्स सिस्टम लागू है। हालांकि, 18 अप्रैल 2024 के बाद किए गए उल्लंघनों पर ट्रैफिक कानून के आर्टिकल 75 के तहत कानूनी समय सीमा के भीतर 25% की मानक छूट मिल सकती है।
