जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की 61वीं बैठक के दौरान सऊदी अरब ने ईरान की सैन्य कार्रवाइयों पर कड़ा ऐतराज जताया है। सऊदी प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों पर हुए हमलों की ज़िम्मेदारी से ईरान अब बच नहीं सकता। 28 फरवरी 2026 को हुए इन हमलों का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और वहां के समुद्री व्यापार पर पड़ा है। खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी क्षेत्र की सुरक्षा एक बड़ा विषय बनी हुई है।

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मानवाधिकार परिषद में सऊदी प्रतिनिधि ने क्या कहा?

सऊदी अरब के राजदूत Ambassador Abdulmohsen bin Khothaila ने बैठक में अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा किए गए हमलों को किसी भी आधार पर सही नहीं माना जा सकता और इन पर चुप्पी नहीं साधी जा सकती। राजदूत ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान को अपनी इन हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने में पैदा की जा रही रुकावटों की भी निंदा की, जिससे वैश्विक व्यापार और सप्लाई चैन पर काफी बुरा असर पड़ रहा है।

इन हमलों का किन देशों पर हुआ असर और क्या है ताजा स्थिति?

Bahrain की ओर से GCC देशों और Jordan के पक्ष में एक विशेष चर्चा की मांग की गई थी। Jordan के राजदूत ने जानकारी दी कि उनके देश ने 240 से ज्यादा ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया है। इन घटनाओं में कुछ नागरिकों के घायल होने की खबर भी मिली है। खाड़ी के अलग-अलग देशों ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि किन अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर क्या कहा है।

देश / प्रतिनिधि मुख्य बयान और प्रतिक्रिया
Saudi Arabia ईरानी हमलों को पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और असहनीय बताया
Jordan इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और देश की संप्रभुता पर सीधा हमला कहा
UAE & Qatar नागरिकों और सार्वजनिक सेवाओं को निशाना बनाने की निंदा की
United Kingdom ईरान से अपने पड़ोसी देशों पर मिसाइल हमले तुरंत रोकने की मांग की
United Nations परमाणु केंद्रों के पास युद्ध जैसी स्थिति को बड़ी तबाही की चेतावनी बताया