सऊदी अरब ने Strait of Hormuz के संकट से निपटने और अपने व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। देश के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स मंत्री Saleh Al-Jasser ने बताया कि सप्लाई चेन को बचाने के लिए 41 इमरजेंसी और बिजनेस कंटिन्यूटी प्लान लागू किए गए हैं। ये सभी प्लान पहले से तैयार और टेस्ट किए गए थे ताकि मुश्किल समय में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मंत्री Al-Jasser ने यह जानकारी रोम में आयोजित ‘European Summit of the Future Investment Initiative’ के दौरान एक सेशन में दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सऊदी अरब ऐसी स्थितियों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साल 2013 का उदाहरण दिया जब Red Sea में रुकावटें आने पर व्यापार को Arabian Gulf की तरफ मोड़ा गया था, जिससे व्यापारिक बहाव बना रहा था।
यात्रियों और जहाजों के लिए किए गए इंतजाम
मंत्री ने बताया कि संकट के दौरान सरकार ने उन उड़ानों को मैनेज किया जिनमें दिक्कतें आई थीं और विभिन्न हवाई अड्डों पर उतरे यात्रियों को सुरक्षित निकालने में मदद की। इसके अलावा, जो समुद्री जहाज Eastern Province के बंदरगाहों पर जाने वाले थे, उन्हें Western Province के बंदरगाहों की तरफ मोड़ दिया गया ताकि काम न रुके।
शिपिंग सेवाओं में विस्तार
Saleh Al-Jasser ने स्पष्ट किया कि दिक्कतें सिर्फ Strait of Hormuz तक सीमित नहीं हैं, बल्कि Bab el-Mandeb में भी मुश्किलें बनी हुई हैं। इस वजह से कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां उस इलाके से गुजरने में हिचकिचा रही हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए प्राइवेट सेक्टर के साथ तालमेल बिठाया गया और अब तक 23 से ज्यादा नई शिपिंग सेवाएं शुरू की गई हैं।
नेविगेशन की आजादी पर जोर
इस बीच सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal ने भी Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही और नेविगेशन की आजादी की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वहां पुरानी स्थिति बहाल होनी चाहिए और समुद्री ट्रैफिक के लिए किसी भी नए शुल्क या व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
GCC देशों के नेताओं और अरब देशों के विदेश मंत्रियों ने भी Strait of Hormuz और Bab Al Mandeb को बंद करने की धमकियों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई पर खतरा मंडरा सकता है।