सऊदी अरब की कैबिनेट ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हो रही हलचल और समुद्री विकास पर चर्चा की है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह साफ किया गया कि सऊदी अरब ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई दशकों तक रणनीतिक निवेश किया है। इससे दुनिया को तेल और ऊर्जा की सप्लाई करने की उनकी क्षमता और मजबूत हुई है, चाहे क्षेत्रीय हालात कैसे भी हों।

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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में मौजूदा स्थिति क्या है?

इस समुद्री रास्ते पर इस समय काफी तनाव बना हुआ है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि जहाजों को केवल उनके द्वारा बताए गए रास्ते से ही गुजरने दिया जाएगा। इससे पहले ईरान की IRGC ने इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी थी, हालांकि बाद में कमर्शियल जहाजों के लिए इसे खोलने की बात कही गई। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर लगाई गई नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस रास्ते को खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया है।

सऊदी अरब ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर क्या कहा?

सऊदी कैबिनेट ने भरोसा दिलाया है कि उन्होंने वैकल्पिक निर्यात रास्तों (alternative export routes) पर काफी काम किया है। इसका मतलब है कि अगर मुख्य समुद्री रास्ते में कोई दिक्कत आती है, तो भी सऊदी अरब दुनिया के बाजारों को तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंचा सकेगा। सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद अलजदान ने भी कहा कि इस जलमार्ग का खुलना एक सकारात्मक कदम है क्योंकि वैश्विक आर्थिक तरक्की के लिए इलाके में स्थिरता होना बहुत जरूरी है।

पिछले कुछ दिनों में कौन सी बड़ी घटनाएं हुईं?

  • ईरान की गनबोट्स ने एक टैंकर के करीब जाने की कोशिश की और एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।
  • अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को अपने कब्जे में लिया।
  • ईरान की अर्थव्यवस्था पर इस नाकेबंदी का बड़ा असर पड़ा है और उनके 80% से ज़्यादा विदेशी व्यापार प्रभावित हुआ है।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में होने वाली संभावित बातचीत पर नजर रखी जा रही है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.