Strait of Hormuz दुनिया के लिए तेल और व्यापार का सबसे अहम रास्ता है और यहाँ मचे तनाव को लेकर अब सऊदी अरब ने अपनी राय रखी है. सऊदी के विदेश मंत्री ने साफ़ कहा कि इस समुद्री रास्ते के हालात अब वैसे ही होने चाहिए जैसे 28 फरवरी से पहले थे. दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए इस रास्ते का खुला रहना बहुत जरूरी है.

सऊदी अरब और बड़े देशों की क्या मांग है?

सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने 14 मई 2026 को एक बयान में कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के होना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि समुद्री सुरक्षा और फ्री नेविगेशन ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बुनियादी जरूरत है. इससे पहले 13 मई को उन्होंने ब्रिटेन के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Jonathan Powell और स्पेन के विदेश मंत्री Jose Manuel Albares के साथ मीटिंग की थी.

  • अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने बीजिंग में मुलाकात के दौरान इस रास्ते को खुला रखने पर सहमति जताई.
  • चीन ने इस इलाके के सैन्यीकरण और जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने का विरोध किया है.
  • वियतनाम ने भी अपने तेल टैंकरों को रास्ता देने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है.

ईरान ने क्या नियम लागू किए और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

ईरान ने 12 मई 2026 को Strait of Hormuz की परिभाषा बदल दी और इसे एक बड़ा ‘ऑपरेशनल एरिया’ घोषित कर दिया. ईरान का दावा है कि अब सभी जहाज उसकी इजाजत और उसके बनाए नियमों के तहत ही गुजरेंगे. खबरों के मुताबिक, ईरान इस विवाद के दौरान हर तेल टैंकर से 20 लाख डॉलर की फीस वसूल रहा है.

दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर पूरी तरह से समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है. इसका मकसद ईरान के तेल निर्यात और जरूरी सामानों के आयात को रोकना है. अमेरिकी सेना ने इस नाकेबंदी का दायरा बढ़ा दिया है ताकि तस्करी होने वाले सामानों को भी रोका जा सके.

समुद्री रास्तों पर अभी क्या स्थिति है?

CENTCOM के कमांडर ने बताया कि अब ईरान की समुद्र में दखल देने की क्षमता काफी कम हो गई है. उन्होंने कहा कि जहाँ पहले 20 से 30 ईरानी नावें दिखती थीं, अब सिर्फ दो या तीन ही नजर आ रही हैं. कमांडर के अनुसार, ईरान का कमांड और कंट्रोल सिस्टम कमजोर हो गया है और वह अब ज्यादा मिसाइल या ड्रोन बनाने की स्थिति में नहीं है.

तारीख घटना/अपडेट
12 मई 2026 ईरान ने Strait of Hormuz का दायरा बढ़ाया
13 मई 2026 अमेरिका ने ग्रीक तेल टैंकर को रोका
14 मई 2026 Trump और Xi Jinping के बीच बीजिंग में समझौता

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, 13 मई से कुछ चीनी जहाजों को ईरान ने अपनी इजाजत से गुजरने दिया है. वहीं, यूएई तट के पास एक जहाज को जब्त कर ईरान ले जाने की खबर भी आई है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब Strait of Hormuz के लिए क्या चाहता है?

सऊदी अरब चाहता है कि यहाँ की स्थिति 28 फरवरी 2026 से पहले जैसी हो जाए और सभी जहाजों को बिना किसी रुकावट के आने-जाने की आजादी मिले.

ईरान जहाजों से कितनी ट्रांजिट फीस ले रहा है?

मौजूदा विवाद के बीच ईरान हर एक तेल टैंकर से रास्ते के लिए 20 लाख डॉलर की फीस वसूल रहा है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.