सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की अहमियत को लेकर दुनिया का ध्यान खींचा है। सऊदी ने साफ कहा है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा करना पूरी दुनिया के लिए बहुत ज़रूरी है। यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार की एक मुख्य नस है, जिससे ग्लोबल ट्रेड और तेल की सप्लाई जुड़ी हुई है।
सऊदी अरब ने UN में क्या कहा और क्यों है यह रास्ता ज़रूरी?
सऊदी अरब के UN दूत Abdulaziz al-Wasil ने 7 मई 2026 को बयान दिया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना एक मानवीय ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता दुनिया भर के व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सऊदी के डिप्टी विदेश मंत्री Waleed Elkhereiji ने भी एक मीटिंग में कहा कि वह किसी भी तरह से इस रास्ते को बंद करने या बाधित करने की कोशिश का विरोध करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नेविगेशन की आज़ादी एक बुनियादी सिद्धांत है।
अमेरिका, खाड़ी देशों और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
अमेरिका और सऊदी अरब समेत अन्य खाड़ी देशों ने 5 मई 2026 को UN सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव तैयार किया था। इसका मकसद इस समुद्री रास्ते में जहाजों की सुरक्षा करना है। UAE के दूत Mohamed Issa Abushahab और कतर की दूत Alya Ahmed Saif Al-Thani ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। वहीं, अमेरिका के राजदूत Mike Waltz ने देशों से ईरान के खिलाफ इस प्रस्ताव को सपोर्ट करने को कहा है। दूसरी तरफ, ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने इस प्रस्ताव को एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। रूस और चीन के इस प्रस्ताव को वीटो करने की संभावना है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में हालिया तनाव और सैन्य कार्रवाई
तनाव इतना बढ़ गया है कि 7 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपने तीन नौसेना जहाजों पर हुए ईरानी हमलों को रोका और जवाब में हमले किए। ईरान ने अब एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है जो यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की जांच करेगी और उन पर टैक्स लगाएगी। हालांकि, सऊदी अरब ने इस मामले में एक अलग रुख अपनाया है। सऊदी ने अमेरिका के उस प्रयास का समर्थन करने से मना कर दिया जिसमें बलपूर्वक रास्ता खोलने की बात कही गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया का एक सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहाँ से भारी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। इसके बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ सकता है।
ईरान इस मामले में क्या कर रहा है?
ईरान पर जहाजों पर हमला करने और रास्ते में माइन बिछाने के आरोप हैं। साथ ही ईरान ने जहाजों की जांच करने और टैक्स वसूलने के लिए एक नई सरकारी एजेंसी भी बनाई है।