सऊदी अरब के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने हज्ज 1447 हिजरी के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। मक्का और पवित्र स्थलों के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बल पूरी तरह तैनात हैं और बिना परमिट प्रवेश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना वैध परमिट के हज्ज की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी भुगतनी होगी।

बिना परमिट हज्ज करने और यात्रियों को ले जाने वालों के लिए क्या हैं सख्त नियम?

सऊदी सरकार के आधिकारिक आदेश के अनुसार, “नो हज्ज विदाउट परमिट” नियम को बहुत सख्ती से लागू किया जा रहा है। अगर कोई भी व्यक्ति बिना परमिट वाले यात्रियों को मक्का ले जाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही प्रति यात्री 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना भी लगाया जाएगा और उसका वाहन जब्त कर लिया जाएगा। विदेशी प्रवासियों (Expats) के लिए नियम और भी कड़े हैं, उल्लंघन करने पर उन्हें तुरंत सऊदी अरब से डिपोर्ट कर दिया जाएगा और उन पर दोबारा देश में आने के लिए 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन और सुरक्षा योजना का पहला चरण पूरा

सऊदी गृह मंत्रालय के सुरक्षा प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि हज्ज सुरक्षा योजना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। जांच के दौरान अब तक बिना परमिट यात्रियों को ले जाने वाले 231 ट्रांसपोर्टरों को पकड़ा गया है और 246 फर्जी हज्ज अभियानों का भंडाफोड़ किया गया है। मक्का में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है जिनके पास मक्का का रेजिडेंसी कार्ड, वैध हज्ज परमिट या फिर Absher और Muqeem पोर्टल के माध्यम से जारी किया गया काम करने का परमिट मौजूद है। वायु सेना की टीमें भी चौबीसों घंटे आसमान से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं।

नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट कहां और कैसे दर्ज कराएं?

सऊदी सरकार ने आम नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के अवैध हज्ज गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी क्षेत्र में रहने वाले लोग 911 पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग 999 पर कॉल कर सकते हैं। उमराह वीज़ा पर आए लोगों के लिए देश छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 निर्धारित थी और Nusuk प्लेटफॉर्म के माध्यम से उमराह परमिट भी 31 मई 2026 तक के लिए बंद कर दिए गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट वाले हज्ज यात्रियों को ले जाने पर क्या सजा तय की गई है?

अवैध यात्रियों को मक्का ले जाने वाले ट्रांसपोर्टर को 6 महीने की जेल, प्रति यात्री 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना और गाड़ी की जब्ती का सामना करना पड़ेगा। विदेशी प्रवासियों को तुरंत डिपोर्ट करके 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

मक्का में प्रवेश करने के लिए प्रवासियों के पास कौन से दस्तावेज होने जरूरी हैं?

मक्का में प्रवेश के लिए मक्का का निवास प्रमाण पत्र (Residency ID), वैध हज्ज परमिट या फिर Absher और Muqeem पोर्टल से जारी किया गया कार्य परमिट होना अनिवार्य है।