सऊदी अरब के मक्का में स्थित पवित्र काबा से जुड़ा एक बेहद अद्भुत और दुर्लभ नजारा देखने को मिलने वाला है। गुरुवार, 28 मई 2026 को सूरज बिल्कुल पवित्र काबा के ऊपर आ जाएगा, जिससे वहां की इमारतों और खड़ी चीजों की परछाई पूरी तरह से गायब हो जाएगी। खास बात यह है कि इस बार यह घटना अराफात के दिन यानी नौ जिलहिज्जा को हो रही है, जिसे खगोलविदों ने करीब 33 साल बाद होने वाला एक बेहद दुर्लभ संयोग बताया है। इस अद्भुत नजारे को लेकर सऊदी अरब और दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय में काफी चर्चा है।

काबा के ऊपर किस समय चमकेगा सूरज और परछाई क्यों गायब होगी?

जेद्दा एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के अध्यक्ष इंजीनियर माजिद अबू जहिरा ने बताया कि 28 मई 2026 को मक्का के समय के अनुसार दोपहर करीब 12:18 बजे सूरज काबा के बिल्कुल ऊपर होगा। इस समय सूरज का झुकाव 89.94 डिग्री रहेगा, जो बिल्कुल सीधा यानी 90 डिग्री के बेहद करीब है। इस वजह से ग्रैंड मस्जिद और उसके आसपास खड़ी किसी भी चीज की परछाई दिखाई नहीं देगी। वहीं राष्ट्रीय खगोलीय और भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान के सूर्य और अंतरिक्ष अनुसंधान विभाग के प्रमुख डॉ. मोहम्मद सोमिदा ने बताया कि 27 मई को भी सूरज काबा के ऊपर रहेगा, जो इस साल अराफात के दिन के साथ मेल खा रहा है। यह दुर्लभ घटना साल 1993 के बाद पहली बार देखने को मिल रही है।

इस खगोलीय घटना से कैसे पता चलती है किबला की सही दिशा?

दुनियाभर के करोड़ों मुसलमानों के लिए यह घटना बेहद मददगार होती है क्योंकि इसकी सहायता से वे अपने घर से ही किबला यानी नमाज पढ़ने की दिशा का सही अंदाजा लगा सकते हैं। जब सूरज काबा के ठीक ऊपर होता है, तो दुनिया के किसी भी कोने में खड़ी किसी चीज की परछाई के बिल्कुल विपरीत दिशा में किबला होता है। मक्का की भौगोलिक स्थिति भूमध्य रेखा और कर्क रेखा के बीच होने के कारण यह घटना साल में दो बार सामान्य रूप से होती है। एमिरेट्स एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के अध्यक्ष इब्राहिम अल-जरवान ने भी इस साल अराफात के दिन इस संयोग के बनने की पुष्टि की है।

क्या इससे सऊदी अरब में अत्यधिक गर्मी और तापमान बढ़ेगा?

सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक प्रवक्ता हुसैन अल काहतानी ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य खगोलीय घटना है जिसे हर साल दर्ज किया जाता है। सूरज के काबा के ऊपर आने से तापमान में कोई असाधारण या रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी नहीं होती है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी क्षेत्र का मौसम और तापमान कई अन्य जलवायु कारकों पर निर्भर करता है, न कि केवल सूरज के इस विशेष कोण पर होने से। इसलिए लोगों को तापमान को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सूरज काबा के ठीक ऊपर कब आएगा?

सूरज 28 मई 2026 को मक्का के समय के अनुसार दोपहर के ठीक 12:18 बजे काबा के ठीक ऊपर आएगा, जिससे परछाई गायब हो जाएगी।

अराफात के दिन यह घटना कितने साल बाद हो रही है?

खगोलविदों के अनुसार, अराफात के दिन सूरज का काबा के ऊपर आना एक बहुत ही दुर्लभ संयोग है, जो आखिरी बार साल 1993 में देखा गया था और अब करीब 33 साल बाद हो रहा है।

क्या इस घटना से किबला की दिशा का पता लगाया जा सकता है?

हां, जब सूरज काबा के ठीक ऊपर होता है, तब दुनिया में किसी भी सीधी खड़ी वस्तु की परछाई के ठीक विपरीत दिशा को देखकर किबला की सही दिशा का पता लगाया जा सकता है।