मक्का से एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय खबर सामने आई है। गुरुवार, 28 मई 2026 को मक्का के आसमान में एक अद्भुत नजारा देखा गया जब सूरज सीधे पवित्र काबा के ठीक ऊपर आ गया। इस घटना के दौरान काबा और मक्का की अन्य इमारतों की परछाई कुछ समय के लिए पूरी तरह से गायब हो गई। सऊदी अरब की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना दोपहर के करीब 12:18 बजे हुई जो मस्जिद अल-हरम में दोपहर की नमाज़ के समय के साथ मेल खाती है।
काबा के ऊपर सूरज आने से क्या हुआ बदलाव?
इस खगोलीय घटना को विज्ञान में सौर संरेखण कहा जाता है। मक्का के समय के अनुसार दोपहर 12:18 बजे सूरज के ठीक ऊपर आने से काबा की कोई परछाई जमीन पर नहीं बनी। जेद्दा एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी के प्रमुख इंजीनियर माजिद अबू जहिरा इस तरह की घटनाओं पर वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हैं। मक्का की भौगोलिक स्थिति भूमध्य रेखा और कर्क रेखा के बीच होने के कारण यह घटना साल में दो बार, मई और जुलाई के महीनों में देखने को मिलती है।
क़िबला की सही दिशा तय करने में कैसे मिलती है मदद?
इस प्राकृतिक घटना का उपयोग ऐतिहासिक समय से ही क़िबला यानी नमाज़ की सही दिशा निर्धारित करने के लिए किया जाता रहा है। दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे लोग, जहां उस समय धूप दिखाई दे रही हो, सूरज की स्थिति को देखकर काबा की सटीक दिशा का पता लगा सकते हैं। इसके लिए बस सूरज की तरफ देखना होता है या किसी सीधी खड़ी वस्तु की परछाई के आधार पर विपरीत दिशा की गणना करनी होती है जिससे काबा की सही दिशा मिल जाती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह घटना किस तारीख और समय पर हुई थी?
यह घटना गुरुवार, 28 मई 2026 को मक्का के समय के अनुसार दोपहर लगभग 12:18 बजे दर्ज की गई थी।
इस घटना का मुख्य लाभ क्या है?
इस घटना की मदद से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग सूरज की स्थिति देखकर पवित्र काबा की सही दिशा यानी क़िबला का सटीक पता लगा सकते हैं।