सऊदी अरब ने Socotra Archipelago में बिजली की सप्लाई चालू रखने के लिए 7,500 टन डीजल भेजा है। यह डीजल वहां के पावर प्लांट चलाने के लिए इस्तेमाल होगा ताकि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के दौरान लोगों को बिजली की किल्लत न हो। इस मदद से द्वीप के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

सऊदी अरब की यह सहायता अगले चार महीनों तक बिजली स्टेशनों की जरूरतों को पूरा करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम की वजह से आने वाली चुनौतियों को कम करना और बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

यह मदद Saudi Development and Reconstruction Program for Yemen (SDRPY) के माध्यम से दी गई है। SDRPY एक गैर-लाभकारी संस्था है जिसकी स्थापना मई 2018 में की गई थी। यह संस्था यमन के पुनर्निर्माण और विकास के लिए ऊर्जा सहित अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक और विकासात्मक मदद पहुंचाती है।

सऊदी अरब द्वारा यमन के बिजली क्षेत्र को लगातार समर्थन दिया जा रहा है। जनवरी 2026 में भी एक बड़ा सहायता पैकेज भेजा गया था, जिसमें 339 मिलियन लीटर डीजल और मज़ुत शामिल था। इसके अलावा, जून 2026 में 150 मिलियन डॉलर का एक नया समझौता हुआ ताकि यमन के 70 से ज़्यादा बिजली संयंत्रों को चालू रखा जा सके।

Socotra द्वीप पर इस सहायता का लाभ मुख्य रूप से इन इलाकों को मिलेगा:

  • Hadibo
  • Qalansiyah
  • Mori
  • Alama

इन सभी जिलों के पावर स्टेशनों को चलाने के लिए ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए यमन की सरकारी संस्थाओं की एक कमेटी बनाई गई है, जो यह देखती है कि पेट्रोलियम उत्पादों का वितरण जरूरत के हिसाब से सही तरीके से हो।