सऊदी अरब ने लेबनान की स्थिरता के लिए अपनी मदद और समर्थन को एक बार फिर दोहराया है। सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने साफ किया कि सऊदी अरब लेबनान की सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने के साथ खड़ा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लेबनान में शांति लाना और वहां के हालातों को सुधारना है।

सऊदी अरब ने लेबनान की मदद के लिए क्या किया?

सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने बेरुत का दौरा किया और वहां के प्रधानमंत्री-नामित Nawaf Salam से मुलाकात की। उन्होंने लेबनान के भविष्य को लेकर सकारात्मक बातें कहीं। साथ ही, सऊदी विदेश मंत्री के सलाहकार Prince Yazid bin Farhan ने राष्ट्रपति Joseph Aoun से मुलाकात की ताकि आंतरिक स्थिरता और युद्धविराम को बनाए रखा जा सके।

शांति और स्थिरता के लिए कौन-कौन से नियम जरूरी हैं?

  • सऊदी अरब चाहता है कि लेबनान में हथियार केवल सरकारी और वैध संस्थाओं के पास ही रहें।
  • सऊदी सरकार ने कहा कि जातीय या सांप्रदायिक भेदभाव केवल आंतरिक झगड़ों को बढ़ाएगा।
  • सऊदी अरब ने 16 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा घोषित युद्धविराम का स्वागत किया।
  • सऊदी ने UNIFIL के कर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।

फ्रांस और अमेरिका का लेबनान पर क्या असर होगा?

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने लेबनान में युद्धविराम को आगे बढ़ाने और दक्षिण लेबनान के पुनर्निर्माण का वादा किया है। फ्रांस का मानना है कि लेबनान और इसराइल के बीच राजनीतिक समझौता ही क्षेत्रीय स्थिरता का एकमात्र रास्ता है। वहीं, लेबनान के सूचना मंत्री Paul Mrquoss के अनुसार, अब यह मामला अमेरिकी एजेंडे में वापस आ गया है, जिससे आर्थिक सुधार की उम्मीद जगी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.