सऊदी अरब देगा ‘ग्रीन पाकिस्तान’ प्रोजेक्ट को सहारा, खेती और सिंचाई के लिए मिलेगा बड़ा निवेश
सऊदी अरब अब पाकिस्तान के ‘ग्रीन पाकिस्तान’ प्रोजेक्ट में अपनी मदद बढ़ा रहा है। 16 अप्रैल 2026 को आए एक आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, सऊदी अरब खेती और सिंचाई के तरीकों को बेहतर बनाने में साथ देगा। इस पहल का मुख्य मकसद आधुनिक तकनीक के जरिए फसलों की पैदावार को बढ़ाना है।
ग्रीन पाकिस्तान प्रोजेक्ट क्या है और यह कैसे काम करेगा
यह प्रोजेक्ट साल 2023 में शुरू हुआ था। इसके तहत जमीन प्रांतीय सरकारों की ही रहेगी, लेकिन इसे 30 साल के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई का बंटवारा पहले से तय है, जिसका ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है।
| हिस्सेदारी का क्षेत्र | कमाई का प्रतिशत |
|---|---|
| प्रांतीय सरकारें | 40% |
| बुनियादी ढांचा विकास | 40% |
| रिसर्च और डेवलपमेंट | 20% |
सिंचाई और खेती में क्या बड़े बदलाव आएंगे
इस प्रोजेक्ट में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों जैसे सेंटर पिवट और ड्रिप सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 136 से ज्यादा ऐसे सिस्टम लगाए जा चुके हैं। सऊदी अरब की Najd Gateway Holding कंपनी और पाकिस्तान के SIFC के बीच भक्कर में अल्फाल्फा की खेती के लिए समझौता हुआ है, जिसे सऊदी अरब भेजा जाएगा।
प्रोजेक्ट में कौन शामिल हैं और क्या हैं चिंताएं
इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व पाकिस्तान में मिलिट्री कर रही है। इसमें SALIC जैसी कंपनियां शामिल हैं जो पशु फार्म और कॉर्पोरेट खेती में दिलचस्पी रखती हैं। साथ ही LIMS सिस्टम के जरिए सऊदी अरब, यूएई, कतर और चीन जैसी पार्टनर्स के साथ काम किया जा रहा है। हालांकि, कुछ जानकारों ने चिंता जताई है कि बड़ी कंपनियों की खेती आने से छोटे किसानों को नुकसान हो सकता है।