सऊदी अरब का पाकिस्तान को बड़ा साथ, अब बंजर ज़मीन पर होगी खेती, सऊदी ने दिया करोड़ों का तोहफा
सऊदी अरब ने पाकिस्तान के ‘ग्रीन पाकिस्तान’ प्रोजेक्ट में अपनी मदद का ऐलान किया है। इस पहल का मुख्य मकसद आधुनिक सिंचाई सिस्टम के जरिए खेती को बढ़ावा देना है। इस समझौते से पाकिस्तान की बंजर ज़मीन अब उपजाऊ बनेगी और वहां फसलों की पैदावार बढ़ेगी। दोनों देशों के बीच यह सहयोग कृषि क्षेत्र में एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
सऊदी अरब की मदद से कैसे बदलेगी खेती?
सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 10 आधुनिक सेंट्रल पिवट इरिगेशन सिस्टम तोहफे में दिए हैं, जिसकी कीमत लगभग 500 मिलियन रुपये है। इस तकनीक की मदद से अब तक 1,36,000 एकड़ बंजर ज़मीन पर खेती करना मुमकिन हो पाया है। पाकिस्तान के भक्कर इलाके में भी इन सिस्टम को रिकॉर्ड समय में चालू किया गया, जिससे 1500 एकड़ बंजर ज़मीन अब खेती के लायक हो गई है। इससे गेहूं और चारे जैसी फसलों की पैदावार में काफी बढ़ोतरी हुई है।
आर्थिक मदद और फसलों का निर्यात
सऊदी अरब के कृषि उपमंत्री डॉ. सुलीमान बिन अली अल-खतीब ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत उगाई गई फसलें सऊदी अरब भेजी जाएंगी। इसके अलावा, सऊदी अरब ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता के लिए 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय मदद देने का वादा किया है। साथ ही, पहले से मौजूद 5 अरब डॉलर की सुविधा को भी तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इस पूरे काम में पाकिस्तान की सेना और Special Investment Facilitation Council (SIFC) अहम भूमिका निभा रहे हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घोषणा की तारीख | 17 अप्रैल, 2026 |
| मुख्य उद्देश्य | कृषि उत्पादन और आधुनिक सिंचाई में सुधार |
| सऊदी का तोहफा | 10 सिंचाई सिस्टम (500 मिलियन रुपये) |
| विकसित की गई ज़मीन | 1,36,000 एकड़ |
| नई वित्तीय मदद | 3 अरब डॉलर |
| विस्तारित सुविधा | 5 अरब डॉलर (3 साल के लिए) |
| मुख्य अधिकारी | डॉ. सुलीमान बिन अली अल-खतीब |