सऊदी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को 28 देशों द्वारा जारी उस संयुक्त बयान का स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि गाज़ा में युद्ध अब समाप्त होना चाहिए।  बयान में कहा गया, हम इजरायली कब्ज़ा प्राधिकरणों की अमानवीय नीतियों, सहायता पहुंचाने में बाधा डालने और ज़रूरतमंद नागरिकों को निशाना बनाने जैसे कृत्यों का स्पष्ट रूप से विरोध करते हैं।

ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित 28 देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा, गाज़ा में आम नागरिकों की पीड़ा अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बूंद-बूंद कर दी जा रही सहायता और पानी व भोजन जैसी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहे बच्चों सहित नागरिकों की अमानवीय हत्याओं की निंदा की।

संयुक्त बयान में हाल ही में गाज़ा की स्वास्थ्य मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सहायता लेने की कोशिश कर रहे 800 से अधिक फ़िलिस्तीनियों की मौत को ‘भयानक’ बताया गया। इन देशों ने कहा, इजरायल की सहायता वितरण नीति खतरनाक है, अस्थिरता को बढ़ावा देती है और गाज़ावासियों से उनकी गरिमा छीनती है। उन्होंने कहा, नागरिकों को आवश्यक मानवीय सहायता देने से इनकार करना अस्वीकार्य है। इजरायल को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए।

वहीं इजरायली विदेश मंत्रालय ने इस बयान को हकीकत से कटे हुए और हमास को गलत संदेश भेजने वाला करार देते हुए खारिज कर दिया। इजरायल ने हमास पर आरोप लगाया कि वह युद्ध को खींच रहा है और एक अस्थायी युद्धविराम व बंधकों की रिहाई के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर रहा है।