सऊदी अरब और ओमान के बीच सुरक्षा को लेकर अहम बातचीत हुई है। सऊदी अरब के गृह मंत्री ने ओमान के गृह मंत्री को फोन कर साफ किया है कि सऊदी अरब ओमान की सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरी तरह से साथ खड़ा है। इस बातचीत के दौरान सऊदी ने अपनी सारी क्षमताएं ओमान की मदद के लिए उपलब्ध कराने की बात कही है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कुछ तनावपूर्ण घटनाएं हुई हैं।

ओमान और सऊदी के बीच क्या बातचीत हुई?

सऊदी अरब के गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सऊद ने ओमान के गृह मंत्री सैयद हमूद बिन फैसल अल बुसैदी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि सऊदी अरब ओमान द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है। ओमान के पोर्ट ऑफ सलालाह और पोर्ट ऑफ दुकम पर हुए बाहरी हमलों के बाद यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।

खाड़ी देशों की सुरक्षा को एक समान माना जाता है। इसी कड़ी में सऊदी अरब के गृह मंत्री ने एक ही दिन में कुवैत, बहरीन, कतर और UAE के गृह मंत्रियों से भी बात की। इसका मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों की सुरक्षा को मजबूत करना और बाहरी खतरों के खिलाफ एक साथ खड़ा होना है।

हमलों और सुरक्षा को लेकर ताजा हालात

खाड़ी देशों में हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव देखा गया है। 17 मार्च 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में एयर डिफेंस सिस्टम ने 37 ड्रोन को हवा में ही रोक कर नष्ट कर दिया है। इन घटनाओं को देखते हुए दोनों देशों की सरकारें आम जनता और व्यापारिक वर्ग को यह भरोसा दिला रही हैं कि देश की सीमाएं और समुद्री व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

खासकर ओमान के पोर्ट पर हुए हमले के बाद सऊदी का यह आश्वासन व्यापार और वहां रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। सऊदी सरकार का मानना है कि ओमान या किसी भी गल्फ देश की सुरक्षा पूरे गल्फ की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।

प्रवासियों और कामगारों के लिए जरूरी नियम

इन क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों के बीच सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने देश में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी एक जरूरी चेतावनी जारी की है। आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने निवास और श्रम कानूनों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।

अगर कोई भी প্রবাসী या नागरिक Labor Law या निवास नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने वालों पर 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना और 6 महीने की जेल की सजा तय की गई है। वहां काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को इन नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.