अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते ने दुनिया भर में राहत की लहर दौड़ाई है। इस बड़े काम में पाकिस्तान ने मुख्य भूमिका निभाई और सऊदी अरब ने इसका पूरा समर्थन किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को इस मदद के लिए धन्यवाद दिया है।

सऊदी अरब और पाकिस्तान की बातचीत

19 जून 2026 को प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच फोन पर बात हुई। प्रधानमंत्री शरीफ़ ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सऊदी अरब की प्रतिबद्धता और क्राउन प्रिंस के नेतृत्व की तारीफ की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत कूटनीति और संवाद के जरिए ही होनी चाहिए ताकि शांति प्रक्रिया को कोई नुकसान न पहुंचे।

समझौते की मुख्य बातें

इस शांति समझौते को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का नाम दिया गया है। इसे अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन कर लिया है, जिसके बाद इसे लागू कर दिया गया। इस वजह से स्विट्जरलैंड में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह को टाल दिया गया।

  • ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलेगा।
  • अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) को हटा लेगा।
  • सऊदी कैबिनेट ने 16 जून को इस समझौते का स्वागत किया और पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता की तारीफ की।
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस समझौते पर खुशी जताई है।

आम जनता पर असर

इस शांति समझौते का सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ा है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आने के कारण प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान में घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों के दाम कम करने का ऐलान किया है।

प्रमुख भूमिका निभाने वाले देश

इस समझौते को सफल बनाने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का बड़ा हाथ रहा। इनके साथ ही कतर, तुर्की, चीन और मिस्र जैसे देशों ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद की। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन इस समझौते का मुख्य चेहरा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.