सऊदी अरब ने एक बार फिर फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपनी बात मजबूती से रखी है। ओस्लो फोरम 2026 में सऊदी अरब ने गाजा में युद्ध खत्म करने और फिलिस्तीन को एक आजाद देश बनाने की पुरजोर मांग की है। सऊदी सरकार का मानना है कि जब तक फिलिस्तीनी लोगों को उनके कानूनी अधिकार नहीं मिलते, तब तक इस इलाके में स्थायी शांति नहीं आ सकती।

🚨: Saudi Arabia Law: सऊदी अरब में एक हफ्ते में 10,700 से ज्यादा लोग पकड़े गए, अवैध रूप से रहने वालों पर हुई बड़ी कार्रवाई

ओस्लो फोरम में सऊदी अरब की बात

विदेश मंत्रालय की अधिकारी Dr. Manal Radwan ने 13 और 14 जून 2026 को ओस्लो फोरम के मुख्य सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि शांति लाने के लिए ‘ग्लोबल अलायंस फॉर द इम्प्लीमेंटेशन ऑफ द टू-स्टेट सॉल्यूशन’ और ‘न्यूयॉर्क घोषणापत्र’ जैसे फ्रेमवर्क पर काम करना जरूरी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ सैन्य ताकत या दबाव के दम पर स्थिरता नहीं लाई जा सकती, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन और आपसी सहयोग जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र में उठाई आवाज और मानवीय मदद

सऊदी अरब के प्रतिनिधि Dr. Abdulaziz Alwasil ने 11 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक हाई-लेवल मीटिंग में कहा कि फिलिस्तीन का मुद्दा पूरे अरब जगत के लिए सबसे अहम है। इससे पहले 6 जून को उन्होंने गाजा से लोगों को जबरन हटाने और UNRWA को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की थी।

मदद के मोर्चे पर भी सऊदी अरब आगे रहा है। 7 जून 2026 को King Salman Humanitarian Aid and Relief Center (KSrelief) के जरिए गाजा पट्टी में खाने-पीने की चीजों से भरी मदद पहुंचाई गई, ताकि वहां के लोगों को राहत मिल सके।

शांति के रास्ते में रुकावटें

सऊदी अरब ने अपनी बातों में इस बात पर जोर दिया कि इजराइल की कब्जे वाली नीतियां और नई बस्तियां बसाने का काम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। सऊदी सरकार ने यह भी मांग की कि इजराइल ने फिलिस्तीन के जो टैक्स का पैसा रोक रखा है, उसे तुरंत वापस किया जाए। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 और व्यापक शांति योजना का पूरा समर्थन किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.