सऊदी अरब में ईद-उल-अज़हा की तारीख को लेकर इंतज़ार खत्म होने वाला है. सुप्रीम कोर्ट ने ज़ुल-हिज्जा के चाँद को देखने के लिए बैठक बुलाई है. इस फैसले का असर सऊदी अरब में रहने वाले लाखों लोगों और खास तौर पर भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा क्योंकि इसी से उनकी छुट्टियों और घर जाने की योजना तय होगी.

ईद-उल-अज़हा और अरफ़ा के दिन कब हो सकते हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने ऐलान किया है कि रविवार 17 मई 2026 की शाम को ज़ुल-हिज्जा का चाँद देखा जाएगा. इसके बाद दो संभावनाएं हैं.

  • पहली संभावना: अगर 17 मई को चाँद दिख गया, तो सोमवार 18 मई से ज़ुल-हिज्जा महीना शुरू होगा. इस हिसाब से 26 मई को अरफ़ा का दिन होगा और बुधवार 27 मई को ईद-उल-अज़हा मनाई जाएगी.
  • दूसरी संभावना: अगर चाँद नहीं दिखा, तो ज़ुल-कादा का महीना 30 दिन का होगा. ऐसी स्थिति में ज़ुल-हिज्जा मंगलवार 19 मई से शुरू होगा और ईद गुरुवार 28 मई को मनाई जाएगी.

चाँद देखने वालों के लिए क्या हैं सरकारी नियम?

सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे चाँद देखने की कोशिश करें. कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी को नंगी आँखों या दूरबीन से चाँद दिखाई देता है, तो वह तुरंत पास की अदालत या मून-साइटिंग कमेटी के पास जाकर अपनी गवाही दर्ज कराए. इसके अलावा, जो लोग चाँद देखने में सक्षम हैं, उन्हें क्षेत्रीय कमेटियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.

दुनिया के अन्य देशों और गणनाओं का क्या कहना है?

इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर (IAC) की गणना के अनुसार, ज़्यादातर इस्लामिक देशों में 27 मई को ईद मनाई जाने की उम्मीद है. दूसरी तरफ, ब्रुनेई ने घोषणा की है कि वहाँ चाँद नहीं दिखा, इसलिए वहाँ ईद 29 मई को मनाई जाएगी. सऊदी अरब का फैसला आने के बाद ही अंतिम तारीख साफ होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में ईद-उल-अज़हा कब मनाई जा सकती है?

चाँद दिखने के आधार पर सऊदी अरब में ईद 27 मई या 28 मई 2026 को मनाई जा सकती है.

चाँद देखने की सूचना कहाँ देनी होगी?

चाँद देखने वाले व्यक्ति को अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए अपने नजदीकी कोर्ट या आधिकारिक मून-साइटिंग कमेटी में संपर्क करना होगा.