Saudi Arabia और Syria के बीच बड़ी डील, ग्रामीण दमिश्क में सोलर एनर्जी के लिए 1 बिलियन डॉलर का निवेश

सऊदी अरब और सीरिया ने हाल ही में ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा सहयोग स्थापित किया है, जिसके तहत ग्रामीण दमिश्क में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जाएगा। इस ऐतिहासिक समझौते पर 5 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण कोशिश है। इस पहल को 'Shams Al-Sham' नाम दिया गया है, जिसका सीधा असर वहां की बिजली व्यवस्था में सुधार के रूप में देखने को मिलेगा।
समझौते के मुख्य बिंदु और ऊर्जा क्षमता
यह पूरा प्रोजेक्ट तीन पावर परचेस एग्रीमेंट (PPA) और दो तकनीकी सहयोग समझौतों पर आधारित है। सीरियाई बिजली कंपनी SEC और सऊदी अरब की निर्माण कंपनी Mohammed A. Al-Harfi के बीच हुए करार के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य ग्रामीण दमिश्क के Wadiyan al-Rabi' इलाके में सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित करना है। इसकी कुल सोलर क्षमता 760 MWp (मेगावाट पीक) होगी। इसके अलावा, बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसमें 1,077 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी लगाए जाएंगे। बिजली की दर काफी किफायती रखी गई है, जो 3 US सेंट प्रति किलोवाट-घंटे से शुरू होगी।
तकनीकी सहयोग और काम की गति
इस मेगा प्रोजेक्ट में सऊदी अरब की PDC (Saudi Electricity Projects Development Company) और जर्मनी की मशहूर टेक्नोलॉजी फर्म Siemens Energy भी तकनीकी रूप से साथ मिलकर काम करेंगी। इन समझौतों की अवधि 20 से 25 साल के बीच तय की गई है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के सलाहकार Fouad Moussa ने स्पष्ट किया कि दमिश्क को इसलिए चुना गया क्योंकि वहां आबादी का घनत्व अधिक है, जबकि इसके बाद एलेप्पो में भी ऐसे ही प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इस पूरे काम को पूरा करने के लिए 4 से 5 साल का समय तय किया गया है, लेकिन कोशिश की जा रही है कि इसे 3 साल के भीतर ही पूरा कर लिया जाए।
रोजगार और कौशल विकास
इस समझौते में केवल बिजली ही नहीं बल्कि वहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी शामिल हैं। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) इस प्रोजेक्ट के जरिए लगभग 1,000 श्रमिकों को 'ग्रीन स्किल्स' का प्रशिक्षण देगा, जिससे वे सोलर पावर फैसिलिटीज में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। सीरिया के ऊर्जा मंत्री Muhammed al-Bashir ने इस साझेदारी को नेशनल पावर मिक्स को बेहतर बनाने और पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है। सऊदी अरब के उप ऊर्जा मंत्री Faisal al-Duaij ने पुष्टि की है कि यह निवेश दोनों देशों के बीच भविष्य के मजबूत आर्थिक रिश्तों का आधार बनेगा। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी Gulfhindi.com के पाठकों के लिए अपडेट की गई है।