सऊदी अरब के रियाद में एक बड़ा मेडिकल चमत्कार हुआ है। तंजानिया की जुड़वा बच्चियां नेंसी और नाइस, जो जन्म से एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं, अब पूरी तरह अलग हो गई हैं। डॉक्टरों की टीम ने 16 घंटे तक लगातार ऑपरेशन किया और अब दोनों बच्चियां अपने-अपने अलग बेड पर हैं। यह पूरी प्रक्रिया किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर पूरी की गई है।

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ऑपरेशन में क्या हुआ और कितनी मेहनत लगी?

इस मुश्किल ऑपरेशन को कुल 10 चरणों में पूरा किया गया। किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन हॉस्पिटल में करीब 16 घंटे तक डॉक्टरों की टीम ने काम किया। इस टीम का नेतृत्व डॉ अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज अल रबीआ कर रहे थे। टीम में एनेस्थीसिया, पीडियाट्रिक सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के 35 विशेषज्ञ शामिल थे। बच्चियां छाती के निचले हिस्से, पेट और पेल्विस से जुड़ी थीं और उनके कुछ अंग जैसे लिवर और आंतें एक ही थीं।

सऊदी प्रोग्राम फॉर कंजॉइन्ड ट्विन्स की बड़ी उपलब्धि

यह तंजानिया की जुड़वा बच्चियों के लिए तीसरा और इस प्रोग्राम का 71वां सफल ऑपरेशन है। सऊदी अरब का यह प्रोग्राम 1990 से चल रहा है। अब तक इस प्रोग्राम के जरिए 28 अलग-अलग देशों के 5 महाद्वीपों से आई 157 जुड़वा बच्चियों और बच्चों का इलाज किया गया है। इस बार के ऑपरेशन के दौरान यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी अनुभव देने के लिए वहां मौजूद रखा गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नेंसी और नाइस कब सऊदी अरब पहुंची थीं?

तंजानिया की ये जुड़वा बच्चियां 27 जनवरी 2026 को सऊदी अरब पहुंची थीं और 7 मई 2026 को इनका ऑपरेशन पूरा हुआ।

इस ऑपरेशन की सफलता की कितनी उम्मीद थी?

डॉ अल रबीआ के मुताबिक इस ऑपरेशन की सफलता दर 60 प्रतिशत से ज्यादा मानी गई थी।