सऊदी अरब के टेलीकॉम नियमों को तोड़ने वालों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। Communications, Space and Technology Commission (CST) ने साल 2025 में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कुल 149 मिलियन रियाल का जुर्माना लगाया है। यह कदम नेटवर्क की सुरक्षा और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए उठाया गया है।
साल 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कमीशन को कुल 1,219 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 51 प्रतिशत शिकायतें सर्विस प्रोवाइडर्स के खिलाफ थीं और 49 प्रतिशत अन्य संस्थाओं के खिलाफ थीं। कमीशन ने कुल 1,050 फैसले सुनाए, जिनमें से 48 प्रतिशत सर्विस प्रोवाइडर्स और 52 प्रतिशत आम लोगों और अन्य कंपनियों के खिलाफ थे।
किन गलतियों पर लगा जुर्माना
जुर्माना लगाने के पीछे कई मुख्य कारण रहे हैं, जो नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:
| उल्लंघन का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| नेटवर्क छेड़छाड़ | पब्लिक टेलीकॉम नेटवर्क को नुकसान पहुंचाना या उसमें बाधा डालना |
| गलत इस्तेमाल | नेटवर्क का गैरकानूनी तरीके से उपयोग करना |
| कीमत और ऑफर | नियमों के खिलाफ प्रमोशन या गलत कीमतें बताना |
| दस्तावेज़ | जरूरी रिपोर्ट या डॉक्यूमेंट जमा न करना |
| नंबर पोर्टेबिलिटी | नंबर बदलने के नियमों का पालन न करना |
2026 में होने वाले बड़े बदलाव
आने वाले समय में टेलीकॉम सेक्टर में और भी बड़े बदलाव होंगे। साल 2026 में 2002 के पुराने कानून को बदलकर एक नया ‘टेलीकम्युनिकेशन्स और आईटी रेगुलेटरी लॉ’ लागू किया जाएगा ताकि तकनीक के बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
इसके अलावा, ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम अब पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। एक और महत्वपूर्ण फैसला यह है कि 1 अप्रैल 2026 से सऊदी अरब में बिकने वाले सभी लैपटॉप के लिए USB-C चार्जर का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
CST अब 6G नेटवर्क जैसी नई तकनीकों पर काम कर रहा है और इसके लिए नेशनल फ्रीक्वेंसी प्लान तैयार किया गया है। साथ ही, 2026 के हज सीजन के लिए भी आईटी और टेलीकॉम की खास तैयारी की गई है ताकि तीर्थयात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
