सऊदी अरब जाने वाले और हज की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। सऊदी अरब मानक, मेट्रोलॉजी और गुणवत्ता संगठन (SASO) ने आगामी हज सीजन 1447H को ध्यान में रखते हुए एहराम के कपड़ों की गुणवत्ता को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी तीर्थयात्रियों को हज के दौरान उच्च गुणवत्ता, आरामदायक और सुरक्षित कपड़े मिल सकें।

ℹ️: Bahrain और Egypt ने मिलाया हाथ, ईरान के हमलों और समुद्री सुरक्षा पर लिया बड़ा फैसला, दोनों देशों के बीच हुई अहम चर्चा

एहराम के कपड़े के लिए क्या हैं नए नियम?

सऊदी अरब के आधिकारिक विभाग SASO ने स्पष्ट किया है कि बाजार में बिकने वाले एहराम के कपड़े अब कड़े परीक्षणों से गुजरेंगे। नए नियमों के तहत निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • एहराम का कपड़ा 99 प्रतिशत से अधिक शुद्ध कपास (Pure Cotton) से बना होना चाहिए।
  • कपड़े में पॉलिएस्टर या कोई भी अनुपयुक्त सजावट बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
  • शरीर के ऊपरी हिस्से को ढकने वाले कपड़े (Ridaa) और निचले हिस्से के कपड़े (Izar) का आकार और माप बिल्कुल एक समान होना चाहिए।

लैबोरेट्री में होगी कड़ी जांच, खरीदने से पहले देखें लेबल

अधिकारियों ने बताया कि एहराम की गुणवत्ता जांचने के लिए ISO/IEC 17025:2017 से मान्यता प्राप्त विशेष प्रयोगशालाओं का उपयोग किया जा रहा है। इन लैब्स में कपड़े के रंग की मजबूती, खिंचाव की क्षमता, फॉर्मलडिहाइड और थैलेट्स जैसे तत्वों की बारीकी से जांच की जाती है। आम लोगों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे बाजार से एहराम खरीदते समय उस पर लगे विवरण लेबल को ध्यान से पढ़ें, ताकि सही कपड़े और कॉटन की मात्रा की पहचान हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में एहराम कपड़े के लिए नया नियम क्या है?

नए नियम के अनुसार एहराम का कपड़ा 99 प्रतिशत से अधिक शुद्ध कॉटन का होना चाहिए और इसमें पॉलिएस्टर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

हज यात्री एहराम खरीदते समय धोखाधड़ी से कैसे बचें?

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे कपड़े पर लगा लेबल जरूर देखें, जिससे सूती कपड़े के प्रतिशत और गुणवत्ता की पुष्टि हो सके।