सऊदी अरब अपने पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। देश का लक्ष्य है कि वाटर डिसेलिनेशन यानी खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली मशीनों के मुख्य पुर्जे अब सऊदी अरब में ही बनाए जाएं। यह कदम सऊदी विजन 2030 के तहत उठाया गया है ताकि देश पानी के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर जोर
सऊदी अरब ने घोषणा की है कि वह दुनिया में अपनी तरह की पहली ऐसी फैक्ट्री शुरू करने की योजना बना रहा है जो अमेरिका के बाहर इन आधुनिक मशीनों का निर्माण करेगी। इस पहल से न केवल तकनीक का ट्रांसफर होगा बल्कि सऊदी अरब के औद्योगिक विकास में भी तेजी आएगी। फिलहाल देश अपनी 70 प्रतिशत से ज्यादा पीने के पानी की जरूरतें डिसेलिनेशन प्लांट के जरिए ही पूरी करता है।
काम आसान करेगी नई मशीनें
इस बीच, अमेरिका की कंपनी Energy Recovery ने सऊदी अरब के नए डिसेलिनेशन प्लांट के लिए अपने PX® Pressure Exchanger® उपकरण सप्लाई करने का करार किया है। ये उपकरण पानी साफ करने के दौरान ऊर्जा की खपत को 60 प्रतिशत तक कम कर देते हैं और इनकी कार्यक्षमता 99 प्रतिशत तक रहती है। इन मशीनों का उपयोग मक्का, अल-बहा और असीर क्षेत्रों के करीब 10 लाख लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
स्थानीय निर्माण को बढ़ावा
सऊदी सरकार पहले भी पानी के क्षेत्र में बड़े कदम उठा चुकी है। नवंबर 2022 में Saline Water Conversion Corporation (SWCC) ने जापान के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मेम्ब्रेन बनाने वाली फैक्ट्री स्थापित करने का ऐलान किया था। National Industrial Development and Logistics Program (NIDLP) के जरिए सऊदी अरब लगातार ऐसे उद्योगों को बढ़ावा दे रहा है जो देश की पानी सुरक्षा को मजबूत बना सकें।
