सऊदी अरब ने डिजिटल सुरक्षा की दुनिया में एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। दुनिया भर की रैंकिंग में सऊदी अरब लगातार तीसरे साल साइबर सुरक्षा में नंबर एक पर रहा है। यह बड़ी उपलब्धि 2026 की IMD वर्ल्ड कॉम्पिटिटिवनेस ईयरबुक की रिपोर्ट में सामने आई है।

ℹ: Britain का बड़ा फैसला: कतर, बहरीन और कुवैत के लिए ट्रैवल एडवाइजरी हटी, अब इन देशों में यात्रा करना हुआ आसान

नेशनल साइबर सिक्योरिटी अथॉरिटी (NCA) ने इस कामयाबी की पुष्टि की है। NCA बोर्ड के चेयरमैन डॉ. मुसइद अल-इबन ने इस जीत का श्रेय किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि सऊदी विजन 2030 के तहत साइबर सुरक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम किया गया।

वाणिज्य मंत्री माजिद अल-कसाबी ने भी इस सफलता को क्राउन प्रिंस के आर्थिक विकास और टिकाऊ विकास के निर्देशों का परिणाम बताया है। इस रिपोर्ट की निगरानी सऊदी कॉम्पिटिटिवनेस एंड बिजनेस सेंटर (SCBC) और जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने मिलकर की है।

इन क्षेत्रों में भी रहा दुनिया में टॉप

साइबर सुरक्षा के अलावा सऊदी अरब ने कई अन्य पैमानों पर भी दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है:

  • बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (Banking and Financial Services)
  • इंटरनेट यूजर्स की संख्या (Internet Users per Thousand Population)
  • ट्रेड की शर्तें (Terms of Trade)
  • कमर्शियल सर्विसेज एक्सपोर्ट ग्रोथ (Commercial Services Exports Growth)

सऊदी अरब अब दुनिया की 70 अर्थव्यवस्थाओं में 13वें स्थान पर पहुंच गया है और G20 देशों की लिस्ट में वह तीसरे नंबर पर है। इस बड़ी छलांग के पीछे करीब 1,000 से ज्यादा कानूनी, प्रक्रियात्मक और तकनीकी सुधारों का हाथ है।

सऊदी अरब केवल अपने देश ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की डिजिटल सुरक्षा के लिए भी काम कर रहा है। उसने GCC साइबर सुरक्षा मिनिस्ट्रियल कमेटी और अरब साइबर सुरक्षा मंत्रियों की परिषद बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है। साथ ही ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी फोरम (GCF) के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ा रहा है।