सऊदी अरब के पर्यटन मंत्रालय ने रमजान के आखिरी दस दिनों में बड़ा कदम उठाते हुए नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। ‘ضيوفنا أولوية’ (हमारे मेहमान प्राथमिकता हैं) अभियान के तहत 84 हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं और होटलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई उन जगहों पर हुई है जो बिना सही लाइसेंस के चल रहे थे या अपने कर्मचारियों का डेटा अपडेट नहीं कर रहे थे। इस सख्त कदम का मुख्य मकसद उमरा यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें बेहतरीन सर्विस देना है।

कार्रवाई में क्या-क्या हुआ और क्यों हुई बंदी?

  • मंत्रालय ने देश भर के अलग-अलग इलाकों में कुल 84 होटलों और गेस्ट हाउस पर कार्रवाई की है।
  • इनमें से 33 होटलों को नियमों का पालन न करने के कारण पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
  • कार्रवाई के दौरान 41 सुविधाओं ने समय रहते अपनी गलती सुधारी और रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया जिससे वे बड़ी सजा से बच गए।
  • यह बंदी मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू हुई है जिन्होंने अपने कर्मचारियों का डेटा अपडेट नहीं किया या बिना लाइसेंस के पर्यटन गतिविधियों को चला रहे थे।

होटल मालिकों के लिए क्या हैं नए नियम और जुर्माना?

सऊदी में काम कर रहे सभी होटल और गेस्ट हाउस को हर 3 महीने में अपने सभी कर्मचारियों का डेटा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करना होता है। इसमें कर्मचारी की निजी जानकारी, पढ़ाई और अनुभव जैसी चीजें बतानी होती हैं। बिना लाइसेंस के टूरिज्म सेक्टर में काम करना पूरी तरह से गैरकानूनी है।

  • पर्यटन कानून का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख सऊदी रियाल (1 Million SAR) तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
  • गंभीर मामलों में जुर्माने के साथ-साथ जगह को तुरंत बंद भी किया जा सकता है।
  • मंत्रालय ने कहा है कि लाइसेंस लेने या रिन्यू करने के लिए डिजिटल पोर्टल का इस्तेमाल करें।
  • कोई भी शिकायत या सुझाव के लिए टूरिस्ट या आम लोग 24 घंटे चलने वाले टोल-फ्री नंबर 930 पर कॉल कर सकते हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.