सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। नवंबर 2025 के महीने में देश के व्यापार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब का ट्रेड सरप्लस (व्यापार अधिशेष) 22.3 बिलियन रियाल तक पहुंच गया है। पिछले साल इसी महीने के मुकाबले इसमें 70% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) ने यह रिपोर्ट जारी की है, जो बताता है कि सऊदी का माल दुनिया भर में तेजी से बिक रहा है।

सऊदी अरब से निर्यात में क्यों आई इतनी तेजी?

नवंबर 2025 में सऊदी अरब ने कुल 99.7 बिलियन रियाल का सामान दूसरे देशों को निर्यात किया। इसमें सबसे अच्छी बात यह रही कि सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि गैर-तेल (Non-Oil) सेक्टर ने भी कमाल किया है। आंकड़ों के अनुसार, री-एक्सपोर्ट (Re-exports) में 53.1% का बड़ा उछाल आया है, जो 13.7 बिलियन रियाल रहा। वहीं, तेल का निर्यात भी 5.4% बढ़कर 67 बिलियन रियाल हो गया है। यह आंकड़ा बताता है कि विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था को तेल से अलग करने की कोशिशें भी रंग ला रही हैं।

किन देशों के साथ हुआ सबसे ज्यादा कारोबार?

सऊदी अरब के लिए चीन (China) सबसे बड़ा कारोबारी दोस्त बनकर उभरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी ने अपना सबसे ज्यादा सामान (कुल निर्यात का 13.5%) चीन को बेचा है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जापान का नंबर आता है। वहीं, अगर बाहर से सामान मंगाने की बात करें, तो वहां भी चीन सबसे आगे है। अमेरिका और UAE से भी सऊदी अरब ने काफी सामान खरीदा है। जेद्दा का किंग अब्दुलअजीज एयरपोर्ट और दम्माम का पोर्ट व्यापार के मुख्य केंद्र रहे, जहां से सबसे ज्यादा माल आया और गया।

विवरण (Category) रकम (Amount) बदलाव (Growth)
ट्रेड सरप्लस 22.3 बिलियन रियाल +70.2%
कुल निर्यात 99.7 बिलियन रियाल +10%
नॉन-ऑयल निर्यात 18.9 बिलियन रियाल +4.7%
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.