सऊदी अरब के विदेशी व्यापार में बहुत बड़ी बढ़त देखी गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में देश का व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) 90.5 अरब रियाल तक पहुंच गया है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) की रिपोर्ट के मुताबिक यह पिछले साल के मुकाबले काफी ज़्यादा है।

अगर पिछले साल से तुलना करें तो इसमें 43.7 प्रतिशत की सालाना बढ़त हुई है। 2025 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 63 अरब रियाल था, जो अब बढ़कर 90.5 अरब रियाल हो गया है। वहीं 2025 की आखिरी तिमाही के मुकाबले इसमें 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2026 के महीने में तो यह उछाल 200.9 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो फरवरी के 19.1 अरब रियाल के मुकाबले करीब 38 अरब रियाल ज़्यादा है।

सऊदी अरब का कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार 535 अरब रियाल से ज़्यादा रहा। इसमें कुल निर्यात (Exports) लगभग 312.8 अरब रियाल था और आयात (Imports) 222.3 अरब रियाल रहा। राष्ट्रीय निर्यात, जिसमें तेल और गैर-तेल उत्पाद शामिल हैं, 274.5 अरब रियाल तक पहुंचा। इसके अलावा, री-एक्सपोर्ट (Re-exports) भी 38 अरब रियाल से ज़्यादा रहा।

विवरण (Details) आंकड़ा (Amount)
व्यापार अधिशेष (Trade Surplus Q1 2026) 90.5 अरब रियाल
कुल व्यापार वॉल्यूम (Total Trade Volume) 535 अरब रियाल से ज़्यादा
कुल निर्यात (Total Exports) 312.8 अरब रियाल
कुल आयात (Total Imports) 222.3 अरब रियाल
राष्ट्रीय निर्यात (National Exports) 274.5 अरब रियाल
री-एक्सपोर्ट (Re-exports) 38 अरब रियाल से ज़्यादा
चीन द्वारा आयात (China Imports) 44.8 अरब रियाल

व्यापारिक देशों की बात करें तो एशिया के देशों ने सऊदी से सबसे ज़्यादा सामान खरीदा, जिसकी कीमत 229.2 अरब रियाल थी। इसके बाद यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका का नंबर आता है। चीन सऊदी अरब के लिए सबसे बड़ा खरीदार बना रहा, जिसने 44.8 अरब रियाल का सामान खरीदा।

गैर-तेल निर्यात और री-एक्सपोर्ट के लिए 32 अलग-अलग बंदरगाहों, हवाई अड्डों और ज़मीनी रास्तों का इस्तेमाल हुआ। जेद्दा का King Abdulaziz International Airport 17.5 अरब रियाल के निर्यात के साथ पहले नंबर पर रहा। वहीं Jeddah Islamic Port दूसरे नंबर पर रहा, जहाँ से 12 अरब रियाल से ज़्यादा का व्यापार हुआ। यह नतीजे देश में बढ़ती कमर्शियल एक्टिविटी और दुनिया भर के साथ बेहतर व्यापारिक रिश्तों की वजह से आए हैं।