सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर कबीले या जाति के नाम पर भेदभाव करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। General Authority for Media Regulation (GAMR) ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह से समाज में फूट डालने वाली बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अब ऐसे लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी जो इशारों में या परोक्ष रूप से कबीलाई भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।

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किन बातों को माना जाएगा अपराध और क्या है नियम?

सऊदी अरब की मीडिया रेगुलेशन संस्था (GAMR) ने बताया कि कबीले के नाम पर श्रेष्ठता दिखाना या समाज को बांटने वाली बातें करना कानूनन गलत है। 29 अप्रैल 2026 को जारी अपडेट के मुताबिक, नीचे दी गई बातों को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा:

  • श्रेष्ठता का दावा करना: अपने कबीले या पहचान के आधार पर खुद को दूसरों से बेहतर बताना।
  • बिना वजह पहचान दिखाना: कंटेंट के संदर्भ से बाहर जाकर अपने कबीले का नाम उछालना।
  • भेदभाव वाले शब्द: ऐसे सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करना जिनमें छिपे हुए भेदभाव वाले मतलब हों।
  • सामाजिक मुद्दों पर फूट डालना: समाज के मुद्दों को इस तरह पेश करना जिससे लोगों के बीच बंटवारा महसूस हो।

जुर्माना और सजा: क्या हो सकती है कानूनी कार्रवाई?

इन नियमों को तोड़ना Audiovisual Media System, Basic Law of Governance और Anti-Cybercrime Law का उल्लंघन माना गया है। Ministry of Interior ने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाना शुरू कर दिया है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय एकता को कमजोर कर रहे हैं।

नियमों का पालन न करने वालों के लिए सख्त सजा तय की गई है:

  • भारी जुर्माना: उल्लंघन करने वालों पर 1 करोड़ सऊदी रियाल (10 million SAR) तक का जुर्माना लग सकता है।
  • लाइसेंस रद्द होना: मीडिया आउटलेट्स को बंद किया जा सकता है या उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
  • सार्वजनिक माफी: दोषी व्यक्ति को सार्वजनिक तौर पर माफीनामा छापना होगा।

बता दें कि 23 अप्रैल 2026 को नई Digital Media Regulation System 2026 लागू की गई है। इसके तहत अब प्रोफेशनल डिजिटल प्रकाशकों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा ताकि डिजिटल स्पेस में अनुशासन बना रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यह नियम सिर्फ सीधे तौर पर भेदभाव करने वालों के लिए है?

नहीं, GAMR ने साफ किया है कि इशारों में या परोक्ष रूप से की गई भेदभाव वाली बातें, जिनमें श्रेष्ठता का अहसास कराया गया हो, वे भी अपराध की श्रेणी में आएंगी।

सऊदी अरब में कबीलाई भेदभाव के लिए अधिकतम कितना जुर्माना है?

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1 करोड़ सऊदी रियाल (10 million SAR) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके मीडिया लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.