सऊदी अरब ने हज यात्रियों को भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाने के लिए एक बड़ी तैयारी की है। पवित्र स्थलों पर अब पेड़ों की संख्या को तीन गुना बढ़ा दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। यह कदम सऊदी विजन 2030 और सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

पवित्र स्थलों पर कितने पेड़ लगाए गए और कौन सी प्रजातियां हैं?

Kadana Development and Development Company ने जानकारी दी है कि उन्होंने 40,000 नए पेड़ लगाए हैं, जिससे अब पवित्र स्थलों पर कुल पेड़ों की संख्या 60,000 से ज्यादा हो गई है। इस काम में Ministry of Environment, Water and Agriculture और National Center for Vegetation Cover Development ने पूरा सहयोग किया है।

  • पेड़ों के लिए नीम और बबूल (Acacia) जैसी प्रजातियों को चुना गया है।
  • ये पेड़ ज्यादा गर्मी सह सकते हैं और कम पानी में भी जीवित रहते हैं।
  • इन पेड़ों से न सिर्फ छाया मिलेगी बल्कि हवा भी शुद्ध होगी।
  • पेड़ों की देखभाल के लिए स्मार्ट सिंचाई सिस्टम लगाया गया है।

गर्मी कम करने के लिए और क्या खास इंतजाम हुए हैं?

सऊदी सरकार ने सिर्फ पेड़ ही नहीं लगाए, बल्कि तापमान कम करने के लिए कई आधुनिक तकनीकें भी अपनाई हैं। इन इंतजामों से स्थानीय तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की उम्मीद है।

  • जामरात इलाके में मिस्ट फैन कॉलम की संख्या बढ़ाकर 400 कर दी गई है।
  • छायादार रास्तों का दायरा बढ़ाकर 1,05,000 वर्ग मीटर कर दिया गया है।
  • माउंट अराफात के आसपास 200 से ज्यादा ठंडी हवा के आउटलेट्स और आधुनिक कैनोपी लगाए गए हैं।
  • Ministry of Hajj and Umrah ने यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है।

हज सीजन 1447H (2026) के 25 मई से शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 26 मई को अराफात का दिन और 27 मई को ईद-उल-अजहा मनाई जाएगी। 14 मई 2026 तक करीब 8,60,000 विदेशी हज यात्री सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने यात्रियों की बेहतर सेवा के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 की तारीखें क्या हैं?

हज सीजन 25 मई 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। 26 मई को अराफात का दिन और 27 मई को ईद-उल-अजहा मनाई जाएगी।

धूप से बचाने के लिए कौन से पेड़ लगाए गए हैं?

सऊदी सरकार ने नीम और बबूल (Acacia) के पेड़ लगाए हैं क्योंकि ये गर्मी सहने में सक्षम हैं और कम पानी की खपत करते हैं।