सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अहम फैसले का स्वागत किया है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को एक और मौका दिया है ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके। इसका मुख्य मकसद Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से सुरक्षित बनाना है।

ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला क्यों बदला?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई 2026 को ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को टाल दिया था। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे खाड़ी देशों ने अमेरिका से यह अनुरोध किया था। इन देशों ने संकेत दिया कि गंभीर बातचीत चल रही है जिससे शांति समझौता हो सकता है। इससे पहले 7 मई को ट्रंप ने जहाजों की मदद के लिए ‘Project Freedom’ नाम की योजना को भी सऊदी और अन्य सहयोगियों के विरोध के बाद रोक दिया था।

Strait of Hormuz में क्या स्थिति है और क्या लक्ष्य है?

सऊदी अरब चाहता है कि Strait of Hormuz की स्थिति वैसी ही हो जाए जैसी 28 फरवरी 2026 से पहले थी। फिलहाल ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर रखा है और अमेरिका ने जवाबी नाकाबंदी की है। ईरान ने 19 मई को एक नई अथॉरिटी बनाई है, जिसका कहना है कि उसकी सहमति के बिना रास्ता नहीं खुलेगा। इस पूरे मामले में पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में मदद कर रहा है।

हालिया ड्रोन हमलों और तनाव का असर

शांति की कोशिशों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। 19 मई को सऊदी अरब और UAE ने कई ड्रोन इंटरसेप्ट किए। एक ड्रोन UAE के बरकाका परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास गिरा था। इससे पहले 8 मई को सऊदी के डिप्टी मिनिस्टर रायेद क्रीमली ने भी तनाव कम करने और बातचीत का समर्थन किया था। सऊदी अरब ने 14 अप्रैल को ही अमेरिका से नाकाबंदी हटाने और ईरान के साथ दोबारा बातचीत करने की अपील की थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब Strait of Hormuz के लिए क्या चाहता है?

सऊदी अरब चाहता है कि इस जलमार्ग में सुरक्षा और आवाजाही की स्थिति वैसी ही हो जाए जैसी 28 फरवरी 2026 से पहले थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?

ट्रंप ने सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध पर हमला टाला क्योंकि वहां शांति समझौते के लिए गंभीर बातचीत चल रही थी।