Saudi Arabia की Council of Ministers ने Tunisia के साथ एक अहम समझौते को अपनी मंज़ूरी दे दी है। यह समझौता दोनों देशों के बीच खनिज संपदा (mineral wealth) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया है। इस फैसले की आधिकारिक जानकारी 12 मई 2026 को मिली।

खनिज संपदा समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?

यह समझौता Saudi Arabia के Ministry of Industry and Mineral Resources और Tunisia के Ministry of Industry, Mines and Energy के बीच हुआ है। इसका मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मज़बूत करना है। Saudi Vision 2030 के तहत सऊदी अरब अब खनिज क्षेत्र में निवेश बढ़ाना चाहता है और Tunisia के साथ मिलकर नए अवसर तलाश रहा है।

कब हुआ यह फैसला और इसमें क्या शामिल है?

इस समझौते पर हस्ताक्षर दिसंबर 2025 के अंत में रियाद में हुई 12वीं Tunisian-Saudi Joint Committee की बैठक के दौरान किए गए थे। इस बैठक की अध्यक्षता सऊदी मंत्री Bandar bin Ibrahim Al-Khorayef और ट्यूनीशियाई मंत्री Samir Abdelhafidh ने की थी।

  • इस समझौते में कुल 100 सहयोग बिंदुओं को मंज़ूरी दी गई है।
  • यह सहयोग 15 रणनीतिक क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें उद्योग और खनन सबसे अहम हैं।
  • दोनों देशों के बीच कानूनी ढांचे को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि निवेश में आसानी हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और ट्यूनीशिया के बीच यह समझौता कब मंज़ूर हुआ?

Saudi Arabia की Council of Ministers ने 12 मई 2026 को खनिज संपदा के क्षेत्र में सहयोग के लिए इस समझौते को अपनी आधिकारिक मंज़ूरी दी।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना और Saudi Vision 2030 के तहत दोनों देशों के बीच निवेश और सहयोग को बढ़ाना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.