सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच व्यापार के लिए एक नया रिकॉर्ड बना है. सिर्फ दो हफ्ते के भीतर सऊदी से 25,614 ट्रक दुबई और अन्य अमीरात में दाखिल हुए हैं. समंदर के रास्तों में चल रही दिक्कतों के बीच सऊदी के परिवहन मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पहल की शुरुआत की है ताकि सामान बिना रुके पहुंच सके.

सऊदी ने ट्रकों के लिए शुरू किया नया सिस्टम

सऊदी अरब के परिवहन मंत्री सालेह अल-जसेर ने 12 मार्च को इस नई पहल को हरी झंडी दिखाई है. समंदर के रास्ते माल भेजने में हो रही भारी देरी को देखते हुए अब सीधा सड़क के रास्ते से सामान भेजा जा रहा है. सऊदी ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने इस काम के लिए 5 लाख ट्रकों के बेड़े और 18,500 कंपनियों को एक्टिव कर दिया है. Logisti प्लेटफार्म पर रजिस्टर्ड कंपनियां इस काम को तेजी से पूरा कर रही हैं ताकि खाड़ी देशों में सप्लाई की कमी न हो.

दुबई ने ट्रकों के लिए क्या नियम बदला

इतने भारी मात्रा में ट्रकों की आवाजाही को देखते हुए दुबई रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) और पुलिस ने भी नियम में बदलाव किया है. 22 मार्च 2026 तक ट्रकों के चलने पर लगे बैन को हटा दिया गया है. अब एयरपोर्ट और अल शिंदघा टनल को छोड़कर सभी रास्तों पर 24 घंटे ट्रक चल सकते हैं. इसके साथ ही बॉन्डेड ट्रांजिट और TIR सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे बॉर्डर पर कस्टम चेकिंग में समय खराब न हो और सीधा डिलीवरी लोकेशन पर सामान पहुंचे.

माल भेजने का खर्च और नया ई-इनवॉइस सिस्टम

समंदर से सड़क के रास्ते पर आने की वजह से माल भेजने का खर्च भी बढ़ गया है. शिपिंग कंपनियों ने प्रति कंटेनर 800 डॉलर का सरचार्ज लगा दिया है. इसके साथ ही सामान रखने के लिए 25 डॉलर प्रति दिन के हिसाब से स्टोरेज फीस देना पड़ रहा है. इस क्रॉस-बॉर्डर व्यापार से जुड़े लोगों को जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) के नए ई-इनवॉइस नियम (वेव 23) का भी सख्ती से पालन करना होगा, जिसकी आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.