सऊदी अरब के जेद्दा में सऊदी रक्षा मंत्रालय और यूक्रेन के बीच रक्षा खरीद को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। यह डील 27 मार्च 2026 को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की सऊदी यात्रा के दौरान साइन की गई। इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच हथियारों और सुरक्षा तकनीक को लेकर तालमेल बढ़ाना है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात के बाद इस दस्तावेज़ पर दस्तखत किए।

समझौते के मुख्य बिंदु क्या हैं?

इस मेमोरेंडम के जरिए सऊदी अरब और यूक्रेन के बीच सैन्य व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। यूक्रेन ने अपनी युद्ध तकनीक और हवाई सुरक्षा के अनुभवों को सऊदी अरब के साथ साझा करने की बात कही है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि यह समझौता भविष्य के बड़े कॉन्ट्रैक्ट के लिए एक आधार की तरह काम करेगा। यूक्रेन के एक्सपर्ट्स सऊदी अरब में अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट पहले ही दे चुके हैं ताकि सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

सुरक्षा के लिहाज से यह डील क्यों अहम है?

सऊदी अरब और खाड़ी के इलाकों में हवाई खतरों से निपटने के लिए यह सहयोग काफी जरूरी माना जा रहा है। यूक्रेन ने पिछले कुछ सालों में हजारों ड्रोन हमलों को रोकने का अनुभव हासिल किया है जो अब सऊदी अरब के काम आएगा। इस डील से जुड़ी खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • यूक्रेन अपनी आधुनिक रक्षा तकनीक और एयर डिफेंस सिस्टम की जानकारी सऊदी को देगा।
  • दोनों देश मिलकर रक्षा क्षेत्र में निवेश और नई टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।
  • क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच ऊर्जा बाजार और सुरक्षा पर भी लंबी चर्चा हुई।
  • सऊदी अरब की क्षमताओं का फायदा अब यूक्रेन को भी मिल सकेगा।
  • यूक्रेनी टीम सऊदी अरब में हवाई सुरक्षा को मजबूत करने पर काम शुरू कर चुकी है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.