यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब यूक्रेन और सऊदी अरब मिलकर कम कीमत वाले ड्रोन बनाएंगे। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक खास समझौता हुआ है ताकि हवाई हमलों से बचाव किया जा सके। यह साझेदारी आने वाले समय में डिफेंस सेक्टर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।

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क्या है यह ‘ड्रोन डील’ और इसमें कौन-कौन शामिल है?

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि सऊदी अरब, UAE और कतर के साथ 10 साल के कॉन्ट्रैक्ट साइन हुए हैं। इसे ‘ड्रोन डील’ का नाम दिया गया है। यूक्रेन अपनी युद्ध में जांची हुई तकनीक और सॉफ्टवेयर इन देशों को देगा। मार्च 2026 में जेद्दा में सऊदी अरब और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे इस सहयोग की नींव पड़ी।

सस्ते ड्रोन और इंटरसेप्टर से क्या फायदा होगा?

इस डील का सबसे बड़ा हिस्सा सस्ते ड्रोन और उन्हें गिराने वाले इंटरसेप्टर बनाना है। जेलेंस्की ने कहा कि मात्र 10,000 डॉलर के इंटरसेप्टर से 80,000 से 1.3 लाख डॉलर वाले Shahed ड्रोन को नष्ट किया जा सकता है। इससे रक्षा खर्च कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी। सऊदी अरब की धरती पर ही ड्रोन बनाने की लाइनें लगाई जाएंगी और यूक्रेन की टीम वहां ट्रेनिंग भी देगी।

इस समझौते में और क्या-क्या शामिल है?

यह प्रोग्राम सिर्फ ड्रोन तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें एयर डिफेंस (AD) और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम भी शामिल हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय को हथियारों को कंट्रोल करने के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर दिए जाएंगे। कतर और UAE के साथ भी इसी तरह के रक्षा समझौते हुए हैं। मध्य पूर्व के 11 अन्य देशों ने भी ऐसी पार्टनरशिप के लिए यूक्रेन से संपर्क किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.