मक्का की पुरानी यादों और इतिहास को अब एक नए अंदाज़ में देखा जा सकता है। Umm Al-Qura University ने इसके लिए कल्चरल फ्रंट की शुरुआत की है। यहाँ आने वाले हज और उमराह यात्री डिजिटल तकनीक के ज़रिए मक्का की विरासत को करीब से जान सकते हैं।

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कल्चरल फ्रंट में क्या-क्या देखने को मिलेगा?

इस सेंटर में कुल 10 खास प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। यहाँ 5,600 से ज़्यादा पुराने सामान और 21,000 से ज़्यादा पुराने दस्तावेज़ रखे गए हैं। कुछ चीजें तो करीब 1,200 साल पुरानी हैं। इसके अलावा यहाँ VR यानी वर्चुअल रियलिटी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे लोग पुरानी जगहों को डिजिटल तरीके से महसूस कर सकें। यहाँ पुराने सिक्के और गहने भी रखे गए हैं जो मक्का के इतिहास की कहानी सुनाते हैं।

यह पहल किन लोगों के लिए है और इसका मकसद क्या है?

यह सेंटर खास तौर पर हज और उमराह पर आने वाले मेहमानों के लिए बनाया गया है। दिसंबर 2025 में शुरू होने के बाद से अब तक दुनिया के 25 से ज़्यादा देशों के करीब 10,000 लोग यहाँ आ चुके हैं। Saudi Press Agency के मुताबिक, यह कदम Saudi Vision 2030 का हिस्सा है। इसका मकसद यात्रियों को उनकी भाषा में मक्का और मदीना के इतिहास की जानकारी देना और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को और बेहतर बनाना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कल्चरल फ्रंट कब शुरू हुआ और यह कब तक चालू है

यह सेंटर दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और यह हज सीजन 1447H के दौरान भी अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है।

यहाँ अब तक कितने लोग आ चुके हैं

शुरुआत से अब तक दुनिया के 25 से ज़्यादा देशों के करीब 10,000 लोग, जिनमें हज और उमराह यात्री शामिल हैं, यहाँ आ चुके हैं।