सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और GCC देशों के नागरिकों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है। अब ये लोग 3 मई तक उमराह की रस्में पूरी कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए उन्हें हज परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी। यह खबर उन भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए काफी मददगार है जो मक्का जाकर इबादत करना चाहते हैं।

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कौन लोग 3 मई तक उमराह कर सकते हैं और क्या हैं नियम?

Ministry of Hajj and Umrah ने बताया है कि सऊदी नागरिक, वहां रहने वाले विदेशी निवासी (Expats) और GCC देशों के नागरिक 15 धुल कादा, जो कि 3 मई को है, तब तक उमराह कर सकते हैं। इन सभी लोगों को उमराह की रस्मों के लिए मक्का में प्रवेश करने हेतु किसी हज परमिट की आवश्यकता नहीं है।

उमराह वीज़ा और हज परमिट को लेकर क्या निर्देश हैं?

  • जो लोग सिर्फ उमराह वीज़ा पर सऊदी अरब आए थे, उनके लिए वापस जाने की आखिरी तारीख 19 अप्रैल (1 धुल कादा) तय की गई थी।
  • मंत्रालय ने साफ किया है कि हज करने के लिए सिर्फ आधिकारिक हज परमिट ही जरूरी है।
  • उमराह वीज़ा या टूरिस्ट वीज़ा पर हज करना पूरी तरह मना है और यह मान्य नहीं होगा।
  • तीर्थयात्री अपने पैकेज, रहने और ट्रांसपोर्ट की बुकिंग के लिए Nusuk ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और क्या कार्रवाई होगी?

सऊदी सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा तय की है। बिना हज परमिट के किसी व्यक्ति को मक्का भेजने या मदद करने वालों पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, नियमों की अनदेखी करने वालों को देश से बाहर निकाला जा सकता है (Deportation) और उन पर कई सालों तक सऊदी अरब में प्रवेश करने पर रोक लगाई जा सकती है। Ministry of Interior इन नियमों को सख्ती से लागू कर रही है।