सऊदी अरब में हज सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसे देखते हुए सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री और हज और उमराह मिनिस्ट्री ने नए कड़े नियम लागू किए हैं। अब उमराह वीज़ा पर आए लोगों को वापस जाना होगा और मक्का शहर में एंट्री के लिए सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि हज के दौरान भीड़ को सही तरीके से संभाला जा सके और सभी यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।
उमराह वीज़ा और परमिट को लेकर क्या नियम हैं?
उमराह वीज़ा पर सऊदी अरब आने वाले सभी लोगों को 18 अप्रैल 2026 तक देश छोड़ना होगा। अगर कोई इस तारीख के बाद भी वहां रुकता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, उसे जेल हो सकती है या फिर उसे देश से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा, नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट जारी करने का काम 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक के लिए रोक दिया गया है। यह नियम सऊदी नागरिकों, GCC देशों के लोगों और सऊदी में रहने वाले प्रवासियों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, उन सभी पर लागू होगा।
मक्का शहर में एंट्री को लेकर क्या पाबंदियां लगाई गई हैं?
मक्का शहर में प्रवेश को लेकर सरकार ने बहुत सख्त निर्देश दिए हैं। बिना आधिकारिक परमिट के किसी को भी शहर में दाखिल होने या रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख/श्रेणी | नियम और पाबंदियां |
|---|---|
| 13 अप्रैल 2026 | बिना परमिट के विदेशी नागरिक और निवासी मक्का में दाखिल नहीं हो सकेंगे। |
| 18 अप्रैल 2026 | मक्का में एंट्री सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनके पास वैध हज वीज़ा होगा। |
| वीज़ा प्रकार | टूरिस्ट, बिजनेस और फैमिली विजिट वीज़ा वालों को मक्का में रहने या आने की अनुमति नहीं होगी। |
| विशेष छूट | मक्का के निवासी, हज परमिट वाले और Absher या Muqeem पोर्टल से वर्क परमिट लेने वाले लोग जा सकेंगे। |
इन सभी नियमों का मकसद हज के दौरान भीड़ को कंट्रोल करना है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि जो भी इन नियमों को तोड़ेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।