संयुक्त राष्ट्र (UN) में सऊदी अरब ने दुनिया के सामने अपनी बात रखी है। सऊदी अरब के प्रतिनिधि Dr. Abdulaziz Alwasil ने सुरक्षा परिषद की मीटिंग में फिलिस्तीन के मुद्दे को सबसे अहम बताया। उन्होंने इसराइल और ईरान की कुछ हरकतों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

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फिलिस्तीन का मुद्दा और शांति की अपील

Dr. Abdulaziz Alwasil ने कहा कि अरब देशों के लिए फिलिस्तीन का मुद्दा सबसे बड़ा है। उन्होंने साफ़ किया कि मिडिल ईस्ट में सच्ची और लंबी शांति तभी आ सकती है जब इसराइल अपना कब्ज़ा खत्म करे। साथ ही उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों को अपनी मर्जी से जीने का पूरा हक मिलना चाहिए।

ईरान और इसराइल की हरकतों पर नाराजगी

मीटिंग के दौरान सऊदी अरब ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पड़ोसियों के साथ अच्छे व्यवहार के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि हर देश को दूसरे देश की सीमा का सम्मान करना चाहिए।

इसी तरह, उन्होंने इसराइल द्वारा लेबनान और सीरिया में की जा रही घुसपैठ और हमलों का भी विरोध किया। सऊदी अरब ने कहा कि लेबनान की सेना को निशाना बनाना और सीरिया की सीमा में घुसना गलत है और इससे पूरे इलाके की सुरक्षा को खतरा होता है।

बातचीत से समाधान और UN चार्टर पर साइन

सऊदी अरब के प्रतिनिधि ने कहा कि किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत, मध्यस्थता और राजनीतिक हल सबसे अच्छे तरीके हैं। इससे ही लोगों को शांति और विकास मिल सकता है।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के 80 साल पूरे होने पर सऊदी अरब ने ‘N80 Charter’ पर हस्ताक्षर किए। सऊदी अरब ने इस कदम के जरिए दुनिया में शांति बनाए रखने और सभी देशों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।