सऊदी अरब ने दुनिया के सामने बच्चों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाया है। सऊदी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से अपील की है कि युद्ध वाले इलाकों में रहने वाले बच्चों को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही गाजा पट्टी में चल रहे खूनी संघर्ष को रोकने के लिए तुरंत और स्थायी सीजफायर की मांग की गई है।
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UN सुरक्षा परिषद में सऊदी अरब की बात
24 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के प्रतिनिधि अब्दुलअजीज अलवासिल ने सुरक्षा परिषद को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि युद्ध के बीच बच्चों की सुरक्षा करना सिर्फ एक कानूनी मजबूरी नहीं है, बल्कि यह पूरी इंसानियत की जिम्मेदारी है। उन्होंने गाजा के हालातों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि वहां के बच्चों को बचाने के लिए दुनिया को आगे आना होगा।
अलवासिल ने यह भी कहा कि सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय नियमों और बच्चों के अधिकारों के लिए बने समझौतों का पूरी तरह पालन करता है और चाहता है कि पूरी दुनिया इसमें सहयोग करे।
गाजा में स्थायी शांति की मांग
इससे पहले 20 जून 2026 को एक इमरजेंसी मीटिंग के दौरान सऊदी अरब ने अरब समूह की तरफ से गाजा में स्थायी सीजफायर की मांग की थी। सऊदी अरब ने अमेरिका और अन्य देशों द्वारा सीजफायर के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया है।
सऊदी सरकार ने कुछ मुख्य बातों पर जोर दिया है:
- गाजा में बिना किसी रुकावट के मानवीय मदद और राशन पहुंचाया जाए।
- मदद पहुंचाने के सामान को राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल न किया जाए।
- शांति के लिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ जरूरी है, जिसमें ईस्ट जेरूसलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश बने।
UN की रिपोर्ट और जमीनी हकीकत
संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि पिछले 30 सालों में पहली बार सरकारी सेनाओं के कारण बच्चों की मौतें सबसे ज्यादा हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में सीजफायर होने के बावजूद हिंसा नहीं रुकी और कई बच्चों की जान गई।
UNICEF ने भी बार-बार चेतावनी दी है कि गाजा में बच्चों की तकलीफों को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना होगा और वहां के अस्पतालों और स्कूलों जैसे बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
