दुनिया की तेल सप्लाई और व्यापार के लिए सबसे अहम होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय तनाव का केंद्र बना हुआ है। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र में इस रास्ते को सुरक्षित रखने की मांग की है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर न पड़े। इस मुद्दे पर अमेरिका और खाड़ी देश एक साथ आए हैं, जबकि ईरान और रूस के बीच खींचतान चल रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना जरूरी और सऊदी की क्या मांग है?

सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अब्दुलअज़ीज़ अलवासिल ने कहा कि यह समुद्री मार्ग पूरी दुनिया के व्यापार और ऊर्जा सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ किया कि अगर इस रास्ते में कोई रुकावट आती है, तो यह पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात होगी। सऊदी अरब के साथ यूएई, बहरीन, कतर और कुवैत ने भी ईरान से हमलों को रोकने और इस रास्ते को खुला रखने की मांग की है।

सुरक्षा के लिए अमेरिका और खाड़ी देशों ने क्या कदम उठाए?

6 मई 2026 को अमेरिका और खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया प्रस्ताव पेश किया। इसमें ईरान को चेतावनी दी गई कि अगर उसने जहाजों पर हमले और अवैध टोल वसूलना बंद नहीं किया, तो उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी दूत माइक वाल्ट्ज़ ने उम्मीद जताई कि यह संशोधित प्रस्ताव पारित हो जाएगा। हालांकि, रूस और चीन पहले ही एक पुराने प्रस्ताव को वीटो कर चुके हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।

ईरान की शर्तें और प्रोजेक्ट फ्रीडम का क्या हुआ?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि वह जलडमरूमध्य को खोलने के लिए तैयार है, लेकिन उनकी शर्त यह है कि अमेरिकी और इजरायली सैन्य जहाजों का वहां आना बंद होना चाहिए। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खोलने के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया था। लेकिन जब सऊदी अरब ने अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी, तो इस प्रोजेक्ट को रोकना पड़ा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य में विवाद का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारण ईरान द्वारा जहाजों पर हमले, बारूदी सुरंग बिछाने और अवैध टोल वसूलने के आरोप हैं, जिससे वैश्विक तेल और खाद की सप्लाई खतरे में है।

रूस और चीन की इस विवाद में क्या भूमिका है?

रूस और चीन ने ईरान के समर्थन में अप्रैल महीने में एक संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव को वीटो कर दिया था, जिससे जलमार्ग खोलने की प्रक्रिया में बाधा आई।