दुनिया की ट्रेड और एनर्जी के लिए सबसे ज़रूरी रास्तों में से एक, Strait of Hormuz को लेकर सऊदी अरब ने बड़ा कदम उठाया है। सऊदी अरब ने UN में साफ कर दिया है कि इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। अगर यहाँ परेशानी बढ़ी तो इसका असर पूरी दुनिया की मार्केट और सामानों की सप्लाई पर पड़ेगा।
सऊदी अरब ने UN में क्या कहा और क्यों है यह ज़रूरी?
सऊदी अरब के UN प्रतिनिधि Dr. Abdulaziz Alwasil ने 7 और 8 मई 2026 को बताया कि Strait of Hormuz ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक मुख्य नस की तरह है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यहाँ जहाजों का रास्ता रुका, तो इससे ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता आएगी और आर्थिक नुकसान होगा।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: सऊदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से समुद्री सुरक्षा और व्यापार बिना किसी रुकावट के चलना चाहिए।
- UN का रोल: UN सिक्योरिटी काउंसिल के रेजोल्यूशन 2817 (2026) का हवाला दिया गया है जो नेविगेशन के अधिकारों की बात करता है।
- गटर्रेस की चेतावनी: UN सचिव António Guterres ने भी 27 अप्रैल को कहा था कि अगर रुकावटें जारी रहीं तो आर्थिक और मानवीय संकट खड़ा हो सकता है।
ईरान की हरकतें और अमेरिका का एक्शन क्या है?
अमेरिका और GCC देशों ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने ‘Persian Gulf Strait Authority’ नाम की एक एजेंसी बनाई है जो जहाजों से अवैध टोल वसूलने और रास्ता कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।
- अमेरिका के आरोप: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और UN राजदूत Mike Waltz ने कहा कि ईरान समुद्र में माइन्स बिछा रहा है और गलत तरीके से टोल मांग रहा है।
- बड़ा अपडेट: 7 मई 2026 को सऊदी और कुवैत ने अमेरिकी सेना को अपने बेस और एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है।
- प्रोजेक्ट फ्रीडम: इस फैसले से “Project Freedom” दोबारा शुरू हो सकता है, जिसके तहत अमेरिकी नौसेना कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रास्ता ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। यहाँ रुकावट आने से सामानों की सप्लाई चेन टूट सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।
ईरान पर क्या आरोप लगे हैं?
ईरान पर आरोप है कि उसने समुद्र में माइन्स बिछाए हैं और एक नई एजेंसी बनाकर जहाजों से अवैध टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है, जिससे समुद्री सुरक्षा खतरे में है।