सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सैन्य मदद को लेकर दरार आती दिख रही है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ सुरक्षा संधि तो की है, लेकिन क्षेत्रीय संकट के समय वह अपनी सेना भेजने से बच रहा है। इस हिचकिचाहट की वजह से सऊदी अरब के नेतृत्व में खाड़ी देशों के सैन्य प्रयासों पर असर पड़ रहा है जिससे रियाद में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

सऊदी और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा संधि की शर्तें क्या हैं?

17 सितंबर 2025 को दोनों देशों ने स्ट्रेटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) साइन किया था। इसमें यह तय हुआ था कि अगर सऊदी अरब पर हमला होता है, तो पाकिस्तान इसे अपने ऊपर हमला मानेगा और मदद करेगा। इसी सिलसिले में 12 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात भी की थी। इसके बावजूद जब मार्च 2026 में खाड़ी देशों पर हमले तेज हुए और ईरान को रोकने की बात आई, तो पाकिस्तान ने ठोस सैन्य कार्रवाई के बजाय केवल कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया।

किन वजहों से पाकिस्तान ने बना ली है युद्ध से दूरी?

पाकिस्तान के अधिकारियों ने साफ किया है कि उनकी फौज फिलहाल अफगानिस्तान सीमा पर आतंकवाद से लड़ने में व्यस्त है। इसके अलावा पाकिस्तान ने ईरान के साथ सीधे टकराव से बचने के लिए केवल मध्यस्थता की पेशकश की है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने चेतावनी दी है कि उनका धैर्य अब खत्म हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु क्षमताओं और सेना को बाहरी विवादों में नहीं फंसाना चाहता। इस स्थिति के कारण सऊदी अरब के अधिकारियों ने पाकिस्तान की सैन्य प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं।

मुख्य तिथि घटनाक्रम
17 सितंबर 2025 सुरक्षा समझौते (SMDA) पर हस्ताक्षर किए गए
12 मार्च 2026 प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की क्राउन प्रिंस से मुलाकात
19 मार्च 2026 रियाद में खाड़ी देशों की अहम बैठक हुई
20 मार्च 2026 पाकिस्तान ने सैन्य भागीदारी से पीछे हटने के संकेत दिए
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.