सऊदी अरब की कैबिनेट ने वीज़ा सेवाओं को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में जेद्दा में हुई बैठक में विदेश मंत्रालय के तहत एक ‘यूनिफाइड नेशनल वीज़ा प्लेटफॉर्म’ बनाने की मंजूरी दी गई। अब यह प्लेटफॉर्म पूरे देश के लिए आधिकारिक वीज़ा पोर्टल के रूप में काम करेगा जिससे वीज़ा प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
वीज़ा सेवाओं के साथ-साथ कैबिनेट ने कुछ देशों के साथ वीज़ा छूट समझौतों पर भी मुहर लगाई है। अब हंगरी, कजाकिस्तान और पोलैंड के डिप्लोमैटिक, सर्विस और स्पेशल पासपोर्ट रखने वाले लोगों को सऊदी अरब आने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं होगी।
अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा करते हुए कैबिनेट ने दुनिया में शांति और सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों पर ज़ोर दिया। मीडिया मंत्री सलमान अल-दोसारी ने बताया कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड नेशंस काउंटर-टेररिज्म वीक में हिस्सा लिया और आतंकवाद व उसकी फंडिंग को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने साइबर सुरक्षा में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सऊदी अरब द्वारा लाए गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है।
तकनीक के क्षेत्र में भी सऊदी अरब ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के 2026 ICT डेवलपमेंट इंडेक्स में सऊदी अरब ने पहला स्थान पाया है। यह उपलब्धि बताती है कि सऊदी अरब अब मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका के सबसे बड़े टेक मार्केट के रूप में उभरा है। साथ ही, सऊदी अरब को अरब सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन की कार्यकारी परिषद का अध्यक्ष दोबारा चुना गया है।
बैठक के अंत में वर्ल्ड बैंक द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सऊदी अरब के AI रेगुलेटरी सैंडबॉक्स की तारीफ का ज़िक्र किया गया। कैबिनेट ने देश के अंदर गैर-लाभकारी क्षेत्र के प्रदर्शन की भी समीक्षा की और कामकाज की सराहना की।
