सऊदी अरब ने 19 जून 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की एक बैठक में अरब देशों की तरफ से आधिकारिक बयान दिया। इस बैठक में गजा की मौजूदा स्थिति और वहां चल रहे मानवीय संकट पर चर्चा की गई। सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरे अरब क्षेत्र की बात रखते हुए शांति की अपील की।
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सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि Abdulaziz Alwasil ने सुरक्षा परिषद को बताया कि मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति तभी मुमकिन है जब फिलिस्तीन के मुद्दे को सुलझाया जाए और इसराइल अपना कब्जा खत्म करे। उन्होंने मांग की कि फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों की रक्षा हो और 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र देश बनाया जाए, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलेम (East Jerusalem) हो।
बैठक के दौरान गजा में आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय मदद पर जोर दिया गया। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- गजा में हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई और तुरंत युद्धविराम की मांग की गई।
- मांग की गई कि गजा के हर इलाके में बिना किसी रुकावट के राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
- यह साफ़ किया गया कि मानवीय मदद को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है।
- दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) के लिए एक ठोस राजनीतिक रास्ता बनाने की जरूरत बताई गई।
सऊदी अरब और अरब समूह ने उन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया जिनमें गजा के किसी हिस्से को हथियाने या वहां के लोगों को जबरन हटाने की बात कही गई है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का सीधा उल्लंघन बताया। चर्चा के दौरान UN के प्रस्ताव 2334 और 2803 का भी जिक्र किया गया, ताकि संघर्ष को खत्म करने के लिए बनाए गए प्लान को लागू किया जा सके।
इससे पहले 11 जून 2026 को भी Abdulaziz Alwasil ने एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा था कि फिलिस्तीन का मुद्दा अरब दुनिया के लिए सबसे अहम है। उन्होंने बस्तियों के विस्तार और जमीनों को जब्त करने जैसी हरकतों पर गहरी चिंता जताई, जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरा है।