सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक इमरजेंसी मीटिंग में गाजा के हालात पर बड़ी बात कही है। सऊदी अरब ने अरब समूह की तरफ से मांग की है कि गाजा में युद्ध को हमेशा के लिए रोका जाए। साथ ही वहां के लोगों तक बिना किसी रुकावट के खाने-पीने और दवाइयों जैसी मदद पहुंचाई जाए।

सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि डॉ अब्दुलअजीज अलवसिल ने 21 जून 2026 को यह बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि मिडिल ईस्ट में शांति लाने के लिए फिलिस्तीन का मुद्दा सबसे अहम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक इस मुद्दे का हल नहीं निकलता, तब तक इलाके में स्थिरता आना मुश्किल है।

दो देशों के समाधान पर जोर

डॉ अलवसिल ने कहा कि शांति के लिए 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर दो देशों का समाधान होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूर्वी जेरूसलम को एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश की राजधानी बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इसराइल द्वारा बस्तियों को बढ़ाने, जमीन छीनने और फिलिस्तीनियों को जबरदस्ती उनके घरों से हटाने का कड़ा विरोध किया।

मदद रोकने पर जताई चिंता

सऊदी अरब ने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और अन्य देशों द्वारा की जा रही कोशिशों का स्वागत किया। उन्होंने सुरक्षा परिषद से अपील की कि वह दुनिया में शांति बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी निभाए और Resolution 2334 जैसे पुराने नियमों को पूरी तरह लागू करे ताकि फिलिस्तीनियों की सुरक्षा हो सके।

मानवीय मामलों के अंडर-सेक्रेटरी जनरल टॉम फ्लेचर ने भी 18 जून को सुरक्षा परिषद को जरूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में युद्धविराम होने के बाद भी करीब 1,000 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। फ्लेचर ने गाजा को दुनिया की सबसे खतरनाक जगह बताया जहां मदद पहुँचाना बहुत मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मानवीय मदद को किसी भी राजनीतिक दबाव या सौदेबाजी का जरिया नहीं बनाना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.