सऊदी अरब के नगर पालिका और आवास मंत्रालय ने ठेकेदारों (contractors) के लिए एक नया और अपडेटेड क्लासिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है. इस नए सिस्टम के तहत अब कंपनियों की काबिलियत को तकनीकी और पैसों के आधार पर परखा जाएगा. इसका सबसे बड़ा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो सरकारी टेंडर में हिस्सा लेना चाहती हैं क्योंकि अब यह सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है.

कैसे होगा ठेकेदारों का वर्गीकरण

इस सिस्टम में ठेकेदारों को उनकी क्षमता के हिसाब से ग्रेड दिए जाएंगे. सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 5 तक की कैटेगरी होगी, जिसमें ग्रेड 1 सबसे ऊंचा माना जाएगा. वहीं प्राइवेट सेक्टर के लिए एक अलग ‘कॉन्ट्रैक्टर एक्रिडिटेशन सर्टिफिकेट’ होगा, जिसे छठे ग्रेड के रूप में देखा जाएगा.

इन आधारों पर होगी जांच

मंत्रालय ने ठेकेदारों को परखने के लिए एक इंटीग्रेटेड मॉडल तैयार किया है. इसमें कानूनी कागजात, कंपनी की वित्तीय हालत और तकनीकी अनुभव को देखा जाएगा. नीचे दी गई टेबल में मूल्यांकन के मुख्य बिंदुओं की जानकारी है:

मूल्यांकन का आधार जरूरी दस्तावेज और शर्तें
कानूनी मानदंड कमर्शियल रजिस्ट्री, इन्वेस्टमेंट लाइसेंस और एम्प्लॉयमेंट स्टेटमेंट
वित्तीय मानदंड नेट फिक्स्ड एसेट्स, नेट इक्विटी और कॉन्ट्रैक्ट से होने वाली कमाई
तकनीकी मानदंड मानव संसाधन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल और पिछला अनुभव
सर्टिफिकेट की वैधता सामान्य तौर पर 2 साल के लिए मान्य, 90 दिन तक बढ़ाया जा सकता है

किन क्षेत्रों को मिलेगा इसका फायदा

यह नया सिस्टम कई अलग-अलग क्षेत्रों के लिए लागू होगा, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:

  • कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग
  • कम्युनिकेशन और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT)
  • साइबर सिक्योरिटी
  • रियल एस्टेट डेवलपमेंट
  • न्यूट्रिशन और सब्सिस्टेंस
  • एग्जीबिशन और कॉन्फ्रेंस
  • ऑपरेशन, मेंटेनेंस और अन्य सेवाएं
  • इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी

जरूरी नियम और समय सीमा

मंत्रालय ने साफ किया है कि क्लासिफिकेशन या ग्रेड बढ़ाने के आवेदनों पर अधिकतम 60 वर्किंग दिनों के भीतर फैसला लिया जाएगा. वहीं सर्टिफिकेट की वैधता बढ़ाने की रिक्वेस्ट पर 10 दिनों में जवाब मिलेगा. नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी प्रोजेक्ट की कुल कीमत 600 मिलियन रियाल से ज्यादा है, तो उसे कुछ शर्तों के साथ हिस्सों में बांटा जा सकेगा, बशर्ते उस हिस्से की कीमत 75 मिलियन रियाल से कम न हो.

नगर पालिका और आवास मंत्री माजिद अल-होगैल ने बताया कि इस सिस्टम का मकसद कंपटीशन को बढ़ाना है ताकि काबिल नए ठेकेदारों को भी सरकारी प्रोजेक्ट्स में आगे बढ़ने का मौका मिले. ठेकेदारों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी कमर्शियल रजिस्ट्री में किसी भी बदलाव की जानकारी 30 दिनों के भीतर अपडेट करें.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com